By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 16, 2026
केंद्र ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि भारत के विमानन क्षेत्र को विनियमित और नियंत्रित करने संबंधी अधिनियम के तहत नियमों को प्रशासनिक मंजूरी दे दी गई है, और दो सप्ताह के भीतर इनके प्रकाशित होने की संभावना है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति आर. महादेवन और न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वह ‘भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024’ के तहत प्रकाशित नियमों को सुनवाई की अगली तारीख पर अदालत के समक्ष रखें। शुरुआत में, मेहता ने कहा, ‘‘नियमों को अंतिम रूप दे दिया गया है और उन्हें प्रशासनिक मंजूरी भी मिल गई है।
साथ ही, याचिकाकर्ता ने भारत में निजी विमानन कंपनियों द्वारा हवाई किराए और अन्य शुल्कों में होने वाले ‘‘अनिश्चित उतार-चढ़ाव’’ को नियंत्रित करने के लिए नियामक दिशानिर्देशों का भी अनुरोध किया है। केंद्र सरकार ने 17 अगस्त को शीर्ष अदालत को बताया था कि वह ‘भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024’ के तहत नियम बनाने की प्रक्रिया में तेजी ला रहा है। इस अधिनियम का उद्देश्य भारत के विमानन क्षेत्र को आधुनिक बनाना है और इसके नियमों को तीन सप्ताह के भीतर अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
सरकार ने नियमों का मसौदा एक सीलबंद लिफाफे में रखा और कहा कि कुछ अंतिम चर्चाएं जारी हैं। शीर्ष अदालत ने 13 जुलाई को केंद्र से कहा था कि वह ‘भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024’ के तहत बनाए गए नियमों को उसके समक्ष रखे। इसने कहा था कि नियम एक सीलबंद लिफाफे में उसके सामने रखे जाएं, भले ही उन्हें संसद के समक्ष रखा गया हो या नहीं।
इससे पहले, शीर्ष अदालत ने कहा था कि हवाई किराए को तर्कसंगत बनाया जाना चाहिए और केंद्र यात्रियों को राहत प्रदान करे। केंद्र ने पीठ को बताया था कि 2024 का नया कानून जनवरी 2025 में लागू हो गया है और इससे जुड़े नियम तैयार किए जा रहे हैं।