By अभिनय आकाश | Oct 16, 2026
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अशोक कुमार ने शुक्रवार को बताया कि दिल्ली में बूथ-स्तरीय अधिकारियों (BLOs) को उन 47 लाख से अधिक मतदाताओं के नामों का फिर से सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है, जिन्हें मतदाता सूची के ड्राफ्ट से हटा दिया गया था। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए। 31 अगस्त को जारी राष्ट्रीय राजधानी की मतदाता सूची के मसौदे में मतदाताओं की संख्या में एक तिहाई की कमी आई है। 30 जून की मतदाता सूची में 1.45 करोड़ (14.5 मिलियन) नाम थे, जो अब घटकर 97.5 लाख (9.75 मिलियन) रह गए हैं। छह महानगरों – मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद में से, ड्राफ्ट चरण में दिल्ली में 32.8% नाम हटाए गए, जो कि दूसरा सबसे कम आंकड़ा था।
अधिकारियों का कहना है कि यह सुनिश्चित करने के लिए दोबारा सत्यापन (री-वेरिफिकेशन) किया जा रहा है कि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए। यदि ऐसा कोई मतदाता मिलता है, तो बीएलओ (BLO) मतदाता सूची में उसका नाम शामिल करने के लिए 'फॉर्म 6' भरने में उसकी मदद करेंगे। दिल्ली में मतदाताओं की समस्याओं के समाधान के लिए, सीईओ (CEO) कार्यालय के अलावा 14,947 बीएलओ, 902 सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी, 70 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी और 13 जिला निर्वाचन अधिकारी तैनात हैं। कुमार ने बताया कि कुल 33.12 लाख मामलों में से लगभग 25 लाख मामलों का निपटारा कर दिया गया है। इन मामलों में वे मतदाता शामिल थे, जिन्हें मैपिंग न होने या जानकारी में विसंगतियां होने के कारण नोटिस जारी किए गए थे। उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में छूट गया है, वे फॉर्म 6 भरकर अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करवा सकते हैं। अंतिम सूची 4 दिसंबर को जारी की जाएगी। उन्होंने आगे बताया कि BLOs को निर्देश दिए गए हैं कि जिन मतदाताओं के विवरण में छोटी-मोटी गलतियां हैं, उनके मामलों को सीधे तौर पर खारिज न किया जाए।