By अभिनय आकाश | Feb 27, 2026
भारत और ईरान के बीच में दोस्ती की बड़ी वजहों में से एक बड़ी वजह है चाबहार पोर्ट। भारत और ईरान ने मिलकर इस पोर्ट का विकास किया। लेकिन अब ऐसा लगता है कि यही पोर्ट दोनों देशों के बीच विवाद का कारण भी हो सकता है क्योंकि भारत ने अपने इस साल के बजट में चाबहार परियोजना को शामिल नहीं किया। यानी कि भारत ने अपने चाबहार परियोजना के लिए कोई भी फंड का एलोकेशन इस साल के वित्तीय बजट पे नहीं रखा। भारत और ईरान का चाबहार पोर्ट इसलिए बेहद रणनीतिक रूप से जरूरी है क्योंकि यह चाबहार एक तरह से स्वर्ण द्वार है जो हिंद महासागर क्षेत्र को मध्य एशिया काशेष और फिर यूरोप से जोड़ता है और सबसे बड़ी बात यह है कि चाबहार के जरिए भारत को एक रणनीतिक लाभ मिलता है जिससे भारत सीधे पाकिस्तान को बाईपास करके ईरान और अफगानिस्तान तक अपनी पहुंच बनाता है।
उससे लगता है कि ईरान को बहुत अधिक भारत से उम्मीदें हैं। इसके पहले भी इस इंटरव्यू में ईरानी विदेश मंत्री ने इस बात का जिक्र किया था कि भारत और ईरान के संबंध बेहद मजबूत हैं। दोनों देश एक दूसरे से बेहद आत्मीय लगाव रखते हैं। हालांकि ईरान के विदेश मंत्री ने पीएम नरेंद्र मोदी के इजराइल यात्रा को दुर्भाग्यपूर्ण भी करार दिया था।