Chamoli के तमक नाले का Bailey Bridge अतिवृष्टि में बहा, BRO चालक लापता

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 11, 2026

उत्तराखंड में चमोली जिले की नीती घाटी को जोड़ने के लिए तमक नाले पर बना ‘बेली ब्रिज’ सोमवार शाम अतिवृष्टि के कारण नाले में आयी बाढ़ के साथ बह गया जबकि इस दौरान सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) का एक वाहन चालक भी पानी के तेज बहाव में बहकर लापता हो गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। तमक नाले में आयी बाढ़ का तत्काल संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों के साथ निचले क्षेत्रों में एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए।

तमक नाले में बाढ़ के मलबे के कारण अनेक बार उसके समीप स्थित धौली गंगा में अवरोध उत्पन्न हुआ है। चमोली के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एन के जोशी ने पीटीआई-को बताया कि ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) से सीमांत क्षेत्र को जोड़ने वाले मलारी—नीति राष्ट्रीय राजमार्ग पर बना बेली ब्रिज तमक नाले की बाढ़ में बह गया है। उन्होंने बताया कि बीआरओ की ओर से वैकल्पिक व्यवस्थाओं के लिए कार्य शुरू कर दिया गया है और एक-दो‌ दिन में आवागमन की व्यवस्था हो जाएगी।

ज्योतिर्मठ के तहसीलदार महेंद्र आर्य ने मीडिया को बताया कि तमक नाले में आयी बाढ़ में बीआरओ का एक वाहन चालक भी बहकर लापता हो गया। उन्होंने बताया कि लापता चालक का नाम पंकज है जो नदी की बाढ़ का अवलोकन करते समय अचानक बहे पुल की चपेट में आकर बह गया। उन्होंने बताया कि पंकज पिथौरागढ़ जिले का रहने वाला है।

इसके अलावा, नाले में आयी बाढ़ में एक वाहन भी बह गया है। कुछ साल पूर्व तमक नाले पर बना पक्का पुल बाढ़ की चपेट में आ गया था जिसके बाद बीआरओ ने ‘बेली ब्रिज’ के जरिए आवागमन शुरू कराया था। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर मलारी की ओर से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है जबकि प्रशासनिक दल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।

तमक नाले में बढ़े जल प्रवाह के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों में नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से मुनादी कर लोगों को सावधानी बरतने और नदी-नालों से दूर रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इस बीच, मुख्यमंत्री ने तमक नाले में आयी बाढ़ का संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रदेश के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन से जानकारी ली तथा अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य के साथ निचले क्षेत्रों में एहतियाती उपाय करने को कहा।

उन्होंने पुल बहने के कारण आसपास के गांवों में राशन, खाद्य सामग्री, दवाइयों एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित न होने देने के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उधर, मौसम विज्ञान विभाग के हाइड्रोमेट डिवीजन स्थित ‘श फ्लड गाइडेंस सेल’ उत्तराखंड के लिए अगले 24 घंटों में अचानक बाढ़ आने के खतरे का बुलेटिन जारी किया है। बुलेटिन के अनुसार, मंगलवार 11 अगस्त की शाम साढ़े पांच बजे तक प्रदेश के 12 जिलों में कुछ जलग्रहण क्षेत्रों एवं आसपास के क्षेत्रों में कम से मध्यम स्तर की अचानक बाढ़ आने का जोखिम है।

बुलेटिन के अनुसार, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, टिहरी गढ़वाल, हरिद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी तथा पौड़ी गढ़वाल में अगले 24 घंटों के दौरान कुछ क्षेत्रों में अचानक बाढ़ आ सकती है। प्रदेश के आपदा प्रबंधन सचिव सुमन ने कहा कि मौसम विभाग एवं अन्य तकनीकी संस्थानों से प्राप्त पूर्व चेतावनियों के आधार पर राज्य का आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने प्रदेशवासियों एवं पर्यटकों से अपील की है कि मौसम खराब होने अथवा लगातार बारिश की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचें।

अपील में लोगों से नदी, नालों, गदेरों एवं बरसाती जलधाराओं के समीप जाने से बचने तथा जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर रहने को कहा गया है।

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