By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 14, 2026
उत्तराखंड के चमोली जिले में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन’ (टीएचडीसी) की विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में पानी और मलबा घुसने से सात लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग अब भी लापता हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एन. के. जोशी ने बताया कि हादसे के समय सुरंग में कुल 22 कर्मचारी मौजूद थे।
अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा बृहस्पतिवार शाम करीब सात बजे मायापुर (पीपलकोटी) स्थित परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुआ। भूस्खलन के कारण सुरंग में पानी और मलबा भर गया था, जिससे वहां काम कर रहे लोग फंस गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, घायलों में से 10 का गोपेश्वर स्थित जिला चिकित्सालय में उपचार किया जा रहा है और एक घायल को बेस चिकित्सालय, श्रीनगर में भर्ती कराया गया है, जबकि एक अन्य को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
चिकित्सक और स्वास्थ्य विभाग के दल घायलों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रख रहे हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), पुलिस तथा अन्य तकनीकी एवं विशेषज्ञ दल राहत और बचाव अभियान में जुटे हैं। सुरंग में मलबा और पानी भरा होने के कारण अभियान बेहद सावधानी और आपसी समन्वय के साथ चलाया जा रहा है।
जिलाधिकारी गौरव कुमार घटनास्थल पर मौजूद रहकर बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को लापता लोगों की तलाश के लिए सभी आवश्यक संसाधनों और तकनीकी सहायता का प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
वह हेलीकॉप्टर से पीपलकोटी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने घटना पर चिंता जताते हुए सभी एजेंसियों को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इस हादसे ने नवंबर 2023 में उत्तरकाशी जिले की सिलक्यारा-बड़कोट निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे की याद ताजा कर दी।
उस समय 12 नवंबर को सुरंग का एक हिस्सा ढहने से 41 मजदूर अंदर फंस गए थे। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की मदद से करीब 17 दिन तक व्यापक बचाव अभियान चलाया था। मशीन से खुदाई में बार-बार बाधा आने के बाद अंतिम हिस्से में हाथ से मलबा हटाया गया और सभी 41 मजदूरों को 28 नवंबर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।