By एकता | Sep 04, 2026
निशु के पिता से कथित मारपीट के मामले को लेकर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वीडियो में दिखाई दे रहा आरोपी खुद निशु के पिता को पीटने की बात स्वीकार कर रहा है, इसके बावजूद मामले में अब तक जरूरी कानूनी धाराएं नहीं लगाई गई हैं।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि जो कुछ हुआ वह बेहद चिंताजनक है। उनके मुताबिक, जिस व्यक्ति पर आरोप है, वह खुले तौर पर इंटरव्यू दे रहा है और वीडियो में मारपीट की बात स्वीकार करता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि आरोपी का इस तरह खुलेआम घूमना कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि आरोपी ने निशु के पिता को पीटने के साथ-साथ उन्हें जान से मारने की मंशा की बात भी कही है। आजाद के मुताबिक, इसके बावजूद पुलिस चोटों को मामूली बता रही है, जबकि पीड़ित के शरीर पर कई चोटें होने की बात सामने आई है।
एससी एसटी एक्ट लगाने की मांग
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उन्होंने पुलिस थाने जाकर अधिकारियों से मुलाकात की और उन्हें बताया कि निशु अनुसूचित जाति से आती हैं। उन्होंने पुलिस से मामले में एससी एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि मामले में सिर्फ चोट को नहीं, बल्कि आरोपी की कथित मंशा को भी देखा जाना चाहिए। आजाद ने हत्या के प्रयास से जुड़ी धारा पर भी विचार करने की मांग की और कहा कि किसी मामले में इरादा भी महत्वपूर्ण होता है।
72 घंटे में कार्रवाई का अल्टीमेटम
चंद्रशेखर आजाद के अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने संबंधित कानून और धाराएं लगाने के लिए समय मांगा है। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों ने शाम तक आवश्यक धाराएं जोड़ने और आरोपी को गिरफ्तार करने की दिशा में कार्रवाई करने की बात कही है।
आजाद ने कहा कि उनकी ओर से पुलिस को 72 घंटे का समय दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस अवधि में कार्रवाई नहीं होती है तो उनकी पार्टी महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाने को मजबूर होगी।
निशु और उनके पिता के मामले में क्या है विवाद?
यह पूरा मामला निशु के पिता से कथित मारपीट और उससे जुड़े वीडियो के सामने आने के बाद चर्चा में आया है। मामले को लेकर निशु और उनके परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के साथ-साथ आरोपी पक्ष का बयान भी सामने आया है। अब चंद्रशेखर आजाद के हस्तक्षेप के बाद इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों और पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई को लेकर अंतिम स्थिति आधिकारिक जांच और पुलिस की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगी।