By अभिनय आकाश | Feb 02, 2026
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कौशल विकास निगम मामले में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू को क्लीन चिट देते हुए कहा है कि कथित अपराध में उनकी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संलिप्तता नहीं है। विशाखापत्तनम स्थित विशेष पीएमएलए न्यायालय में 31 जनवरी को दायर पूरक आरोपपत्र में ईडी ने कहा कि नायडू को मनी लॉन्ड्रिंग से जोड़ने वाला कोई सबूत नहीं है और उन्हें इस मामले में आरोपी के रूप में नामित नहीं किया है। इससे पहले, आंध्र प्रदेश आपराधिक जांच विभाग (एपी सीआईडी) ने भी पुष्टि की थी कि नायडू कौशल विकास परियोजना से संबंधित कथित अनियमितताओं में शामिल नहीं थे। विजयवाड़ा एसीबी कोर्ट ने मामले को वापस लेने की अनुमति देते हुए आगे स्पष्ट किया था कि आरोपों को साबित करने का कोई आधार नहीं है।
कौशल विकास मामले के चलते नायडू को सितंबर 2023 में गिरफ्तार किया गया था। जमानत मिलने से पहले उन्होंने राजामंड्री सेंट्रल जेल में 53 दिनों से अधिक समय बिताया था। अक्टूबर 2023 में उन्हें जमानत मिल गई थी। ईडी की नवीनतम खोज इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। यह मामला आंध्र प्रदेश राज्य कौशल विकास निगम (APSSDC) से कथित तौर पर धन के दुरुपयोग से संबंधित है, जिसके कारण राज्य सरकार को 300 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। नायडू ने किसी भी प्रकार की त्रुटि से इनकार किया है और अपने खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया है।