Chandrababu Naidu ने आंध्र प्रदेश में चक्रवात प्रभावित इलाकों का लिया जायजा, 37 करोड़ रुपये जारी

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 06, 2026

गुंटूर, छह नवंबर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार हाल में राज्य में आए दो चक्रवाती तूफानों ‘अर्नब’ और ‘मुरासु’ से हुए नुकसान का आकलन कर रही है और राहत कार्य तब तक जारी रखेगी, जब तक कि मदद आखिरी प्रभावित व्यक्ति तक न पहुंच जाए। उन्होंने गुंटूर जिले के रेटुरु गांव में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि हाल में आए दो चक्रवातों से राज्य को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसमें गुंटूर, बापटला और प्रकाशम जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को तब नुकसान उठाना पड़ा, जब उनकी फसलें कटाई के लिए तैयार थीं।

नायडू ने कहा, ‘‘हम चक्रवात ‘अर्नब’ और ‘मुरासु’ से हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं। जब तक आपदा से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति तक मदद नहीं पहुंच जाती, तब तक राहत और पुनर्वास के प्रयास जारी रहेंगे।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को पहले ही ‘अल नीनो’ के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ा था, लेकिन ‘पट्टिसीमा’ परियोजना से पानी मिलने के बाद उन्होंने बुआई कीं। उन्होंने बताया कि जब फसलें कटाई के लिए तैयार थीं और उनसे अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, तभी ‘मुरासु’ चक्रवात आ गया।

मंगलवार को ‘मुरासु’ चक्रवात ओंगोल के पास, नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट से टकराया। नायडू ने कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए एहतियाती कदमों से संपत्ति के नुकसान को कम करने में मदद मिली और राहत कार्य तेजी से शुरू किए जा सके। उन्होंने लोगों से अपील की कि जब भी चक्रवात की पूर्व चेतावनी जारी की जाए, तो उसे गंभीरता से लें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जागरूकता फैला रही है कि हर किसान फसल बीमा के लिए पंजीकरण कराए। उन्होंने कहा कि किसान फसल बीमा और ‘इनपुट सब्सिडी’ के जरिए अपने नुकसान की भरपाई कर सकते हैं। नायडू ने कहा कि सरकार चक्रवात राहत कार्यों के लिए तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु से मदद ले रही है।

उन्होंने बताया कि चक्रवात ‘अर्नब’ के दौरान उखड़ गए लगभग 30,000 बिजली के खंभों को फिर से लगा दिया गया है, जबकि चक्रवात ‘मुरासु’ के दौरान 10,000 और खंभे क्षतिग्रस्त हो गए थे। मछली पालन वाले तालाबों में भी बिजली आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल की जा रही है। नायडू ने कहा कि दोनों चक्रवातों से हुए नुकसान का व्यापक आकलन किया जा रहा है और सरकार केंद्र के साथ लगातार जानकारी साझा कर रही है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी चक्रवातों के असर के बारे में जानकारी ली थी। मुख्यमंत्री ने नल्लामाडा नाले की समस्या का स्थायी समाधान निकालने का वादा भी किया। मुख्यमंत्री ने 2019 से 2024 के बीच वाईएसआरसीपी की पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान राज्य में ‘व्यापक तबाही’ हुई थी।

नायडू ने कहा कि जहां तटीय जिले चक्रवातों की मार झेल रहे हैं, वहीं ‘अल नीनो’ ने रायलसीमा को प्रभावित किया, जहां पानी की कमी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि सूखे की स्थिति का अध्ययन करने के लिए केंद्रीय टीमों ने भी इस क्षेत्र का दौरा किया है। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि तटीय इलाकों का पानी समुद्र में बहकर जा रहा है, जबकि रायलसीमा में पानी की कमी है।

उन्होंने कहा कि सरकार जल सुरक्षा और उपलब्ध संसाधनों के कुशल प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इससे पहले, नायडू ने बापटला जिले के चक्रवात प्रभावित गांवों का दौरा किया और चक्रवात ‘मुरासु’ के कारण जलमग्न हुए खेतों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मुताबिक मंगलवार को ‘मुरासु’ नामक भीषण चक्रवाती तूफान ने ओंगोल के पास, नेल्लोर और नरसापुर के बीच आंध्र प्रदेश के तट को पार किया, जिसमें आठ लोगों की जान चली गई।

एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक राज्य सरकार ने तत्काल राहत के लिए प्रभावित जिलों को 37 करोड़ रुपये जारी किए हैं। शुरुआती आकलन के मुताबिक 1.4 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में लगी फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिससे 1.8 लाख से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। बागवानी फसलों को 6,749 हेक्टेयर क्षेत्र में नुकसान पहुंचा है, जिससे 12,586 किसान प्रभावित हुए हैं।

राज्य सरकार के शुरुआती अनुमानों के मुताबिक ‘मुरासु’ से 1,919 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

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