By Ankit Jaiswal | Nov 06, 2026
चेन्नई ओपन में गुरुवार को भारतीय खिलाड़ियों के लिए मुकाबलों का दिन मिला-जुला रहा। एकल मुकाबले में भारत की शीर्ष महिला खिलाड़ी वैश्णवी अडकर को रूस की अनास्तासिया जखारोवा के सामने हार का सामना करना पड़ा। वहीं, महिला युगल में माया राजेश्वरन रेवती और श्रिवल्ली भामिदिपाटी की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ा उलटफेर किया और क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली।
सिंगल्स मुकाबले में 7वीं वरीयता प्राप्त अनास्तासिया जखारोवा ने वैश्णवी को 6-3, 6-0 से हराया। इस जीत के साथ रूसी खिलाड़ी ने टूर्नामेंट के अंतिम 8 में प्रवेश कर लिया। मुकाबले की शुरुआत से ही जखारोवा ने तेज और आक्रामक खेल दिखाया। उनके फोरहैंड और बैकहैंड से निकले दमदार शॉट का वैश्णवी के पास कोई जवाब नहीं था। जखारोवा ने भारतीय खिलाड़ी को अपने खेल की गति के साथ तालमेल बैठाने का मौका ही नहीं दिया।
हालांकि, पहले सेट में कुछ समय के लिए वैश्णवी ने अच्छी चुनौती पेश की। वह 1-2 से पीछे चल रही थीं, लेकिन उन्होंने जखारोवा की पहली सर्विस पर 2 शानदार बैकहैंड रिटर्न लगाकर वापसी की कोशिश की। इसके बावजूद रूसी खिलाड़ी ने दबाव में अपना खेल बनाए रखा। वैश्णवी की फोरहैंड पर हुई गलती का फायदा उठाकर जखारोवा ने वह गेम अपने नाम कर लिया।
वैश्णवी के लिए सबसे बड़ी परेशानी उनकी गलतियां रहीं। पूरे मुकाबले में उन्होंने 32 बार ऐसी गलतियां कीं, जिनमें अंक जीतने का दबाव प्रतिद्वंद्वी ने नहीं बनाया था। वहीं, जखारोवा से ऐसी 19 गलतियां हुईं। पहले सेट में 1-4 से पीछे होने के दौरान वैश्णवी को 3 बार ब्रेक पॉइंट हासिल करने का मौका मिला, लेकिन वह किसी का फायदा नहीं उठा सकीं। एक आसान बैकहैंड शॉट नेट में मारने के कारण उन्होंने अपनी बढ़त गंवा दी और जखारोवा को आगे निकलने का मौका मिल गया।
छठे गेम के बाद भारतीय खिलाड़ी ने मेडिकल टाइमआउट भी लिया। इस दौरान उनकी बाईं जांघ पर पट्टी बांधी गई। जखारोवा जब पहले सेट के लिए सर्विस कर रही थीं, तब वैश्णवी ने उनकी सर्विस तोड़कर थोड़ी वापसी जरूर की, लेकिन इसका मैच पर खास असर नहीं पड़ा। दुनिया की 107वें नंबर की खिलाड़ी जखारोवा ने दूसरे सेट में और आक्रामक खेल दिखाया। वैश्णवी की धीमी पहली सर्विस का फायदा उठाकर उन्होंने लगातार विनर शॉट लगाए और दूसरा सेट बिना कोई गेम गंवाए जीत लिया।
दूसरी ओर, तीसरी वरीयता प्राप्त मग्दा लिनेट ने जापान की मोयुका उचिजिमा को 7-6 (5), 6-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। पिछले 4 महीनों में पहले दौर से 7 बार बाहर होने के बाद लिनेट इस जीत के साथ लय में लौटती दिख रही हैं। उन्होंने उचिजिमा की पहली सर्विस पर गहरे रिटर्न लगाकर उन्हें दबाव में रखा। पहला सेट कड़ा रहा, लेकिन दूसरे सेट में लिनेट ने एकतरफा खेल दिखाते हुए कोई गेम नहीं गंवाया।
महिला डबल्स में माया राजेश्वरन रेवती और श्रिवल्ली भामिदिपाटी ने तीसरी वरीयता प्राप्त अनेता क्लादिवोवा और अनेता लाबौटकोवा की जोड़ी को 6-3, 6-2 से हराकर बड़ा उलटफेर किया। भारतीय जोड़ी ने बेहतर तालमेल और लगातार अच्छे खेल के दम पर मुकाबला अपने नाम किया और क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई हैं।