By Ankit Jaiswal | Apr 16, 2026
शतरंज की दुनिया से इस वक्त एक बड़ी और गर्व भरी खबर सामने आई है, जहां भारत की युवा ग्रैंडमास्टर वैशाली रमेशबाबू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट अपने नाम कर लिया है।
गौरतलब है कि टूर्नामेंट का अंतिम दौर बेहद रोमांचक रहा, जहां कुल छह खिलाड़ी खिताब की दौड़ में बनी हुई थीं। मौजूद जानकारी के अनुसार वैशाली और बिबिसारा असाउबायेवा संयुक्त बढ़त पर थीं, जबकि अन्य खिलाड़ी भी मामूली अंतर से पीछे चल रही थीं। ऐसे में टाईब्रेक की संभावना काफी ज्यादा मानी जा रही थी, लेकिन वैशाली की जीत ने सभी समीकरण साफ कर दिए हैं।
अंतिम मुकाबले में लाग्नो को जीत की जरूरत थी, इसलिए उन्होंने आक्रामक रणनीति अपनाई, लेकिन यही रणनीति उनके खिलाफ चली गई। वैशाली ने शुरुआत से ही बढ़त बना ली और पूरे मुकाबले में नियंत्रण बनाए रखते हुए शानदार तरीके से जीत हासिल की है। उन्होंने कुल 14 में से 8.5 अंक हासिल कर पहला स्थान पक्का किया है।
वहीं दूसरी ओर असाउबायेवा को दिव्या देशमुख के खिलाफ मुकाबले में ड्रॉ से संतोष करना पड़ा, जिससे वह दूसरे स्थान पर रहीं। बता दें कि यह उनका इस स्तर के टूर्नामेंट में पहला अनुभव था और उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है।
अन्य मुकाबलों की बात करें तो चीन की झू जिनर और रूस की अलेक्जेंड्रा गोऱ्याचकिना संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहीं।
गौरतलब है कि वैशाली का यह खिताब इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि वह टूर्नामेंट की शुरुआत में सबसे कम रेटिंग वाली खिलाड़ी थीं। इसके बावजूद उन्होंने दबाव में बेहतरीन खेल दिखाते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। मौजूद जानकारी के अनुसार इस जीत से उनके रेटिंग अंकों में भी अच्छा इजाफा हुआ है।
दरअसल, वैशाली पिछले कुछ समय से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने इससे पहले भी महिला ग्रैंड स्विस टूर्नामेंट में खिताब जीते हैं और बड़े मंचों पर अपनी क्षमता साबित की है।
बता दें कि वैशाली को इस उपलब्धि पर भारत के दिग्गज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद समेत शतरंज जगत की कई बड़ी हस्तियों ने बधाई दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि उनके पास दबाव में बेहतर खेलने की क्षमता है, जो उन्हें विश्व चैंपियनशिप मुकाबले में मजबूत दावेदार बनाती है।
अब सबकी नजरें आगामी विश्व चैंपियनशिप मुकाबले पर होंगी, जहां वैशाली का सामना जू वेनजुन से होगा। यह मुकाबला भारतीय शतरंज के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है और देश को एक नया विश्व चैंपियन मिलने की उम्मीद भी बढ़ गई है।