Chhattisgarh में 14,948 शिक्षण संस्थान हुए Tobacco Free, 4,577 नए संस्थान जुड़े

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 31, 2026

छत्तीसगढ़ में युवाओं को तंबाकू से दूर रखने के लिए 4,577 नए शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त घोषित किया गया, जिससे राज्य में ऐसे संस्थानों की संख्या बढ़कर 14,948 हो गई है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में तंबाकू की रोकथाम से लेकर इसे छोड़ने के लिए मार्गदर्शन, उपचार, शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने और कानून के उल्लंघन पर कार्रवाई तक एक साथ काम किया जा रहा है।

पूर्व में घोषित 10,371 संस्थानों को मिलाकर राज्य में अब 14,948 शिक्षण संस्थान तंबाकू मुक्त घोषित किए जा चुके हैं। इनमें सरकारी और निजी स्कूलों के साथ कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थान शामिल हैं। उन्होंने बताया कि तंबाकू नियंत्रण अभियान में कानून के प्रभावी पालन पर भी विशेष जोर दिया गया।

सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंध के उल्लंघन पर वर्ष के दौरान 7,783 चालान कर 10,97,670 रुपए का जुर्माना वसूला गया। वहीं, 18 वर्ष से कम आयु के लोगों को तंबाकू उत्पाद बेचने अथवा उनसे खरीदने के मामलों में 1,088 चालान तथा शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री के विरुद्ध 1,187 चालान किए गए। अधिकारियों ने बताया कि तंबाकू नियंत्रण को प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ पुलिस, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, कृषि, शिक्षा, उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभाग को भी जोड़ा गया।

विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मियों के लिए प्रशिक्षण आयोजित किए गए। राज्य स्तरीय कानून प्रवर्तन प्रशिक्षण में 84 प्रतिभागियों, जबकि टीओएफईआई से संबंधित प्रशिक्षण में 90 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। जिला स्तर पर भी वर्ष के दौरान 123 प्रशिक्षण गतिविधियों में 15,113 प्रतिभागियों की भागीदारी रही।

उन्होंने बताया कि तंबाकू सेवन से जुड़े मौखिक स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को राष्ट्रीय मौखिक स्वास्थ्य कार्यक्रम से भी जोड़ा गया है। इसके तहत 34 दंत चिकित्सकों को तंबाकू मुक्ति केंद्रों की सेवाओं के लिए प्रशिक्षित किया गया। वहीं वर्ष 2025-26 में मौखिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 8,79,253 ओपीडी सेवाएं और 3,60,263 दंत प्रक्रियाएं की गईं।

अधिकारियों ने बताया कि तंबाकू नियंत्रण में जागरूकता, तंबाकू मुक्ति मार्गदर्शन, उपचार, शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने तथा सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को एक साथ जोड़कर छत्तीसगढ़ ने जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक समेकित कार्यप्रणाली विकसित की है।

प्रमुख खबरें

Jharkhand के Governor Santosh Gangwar बोले- छात्रों के भविष्य को लेकर चिंतित है सरकार

Khelo India योजना के लिए केंद्रीय कैबिनेट ने 29,000 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी

Jaipur: छात्र संघ चुनाव की मांग पर पानी की टंकी पर चढ़े NSUI कार्यकर्ताओं का आमरण अनशन

Modis MasterStroke : Union Cabinet ने Samudra Manthan Scheme को दी मंजूरी, PM Kisan Scheme को मिला 5 साल का विस्तार