Chhattisgarh में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का एक साल पूरा, 850 गांवों तक पहुंची बस सेवा

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 03, 2026

रायपुर, तीन अक्टूबर छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत एक वर्ष में बस्तर और सरगुजा संभाग के 850 गांव में पहली बार नियमित बस सेवा पहुंची है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचलों और दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों को सुरक्षित, सुलभ और नियमित यात्री परिवहन से जोड़ने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ने अपने संचालन का एक वर्ष पूरा कर लिया है।

वर्तमान में ये बसें प्रतिदिन करीब 17,500 किलोमीटर चल रही हैं। योजना के अधिसूचित मार्गों की कुल लंबाई करीब 5,300 किलोमीटर है। इन मार्गों की लंबाई 14 से 105 किलोमीटर के बीच है और अधिकांश पर प्रतिदिन दो बस सेवाएं संचालित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने योजना के एक वर्ष पूरा होने पर कहा, ‘‘सुदूर गांव में रहने वाले नागरिक को भी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बाजार और प्रशासनिक सेवाओं तक सहज पहुंच का समान अवसर मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना इसी सोच को धरातल पर उतार रही है।’’ उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी नियमित यात्री बस नहीं पहुंचती थी, वहां आज ग्रामीण तय समय पर सुरक्षित बस से स्कूल, अस्पताल, हाट-बाजार, ब्लॉक और जिला मुख्यालय तक पहुंच रहे हैं। साय ने कहा, ‘‘यह केवल परिवहन सुविधा का विस्तार नहीं, बल्कि दूरस्थ अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का माध्यम है।’’ अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना की शुरुआत चार अक्टूबर 2025 को जगदलपुर में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री साय की उपस्थिति में की थी।

शुरुआत में 34 मार्ग पर बस सेवा शुरू की गई थी और करीब 250 गांव को इससे जोड़ा गया था। एक वर्ष के भीतर योजना का दायरा बढ़कर 106 मार्ग और 107 बस तक पहुंच गया तथा नियमित बस सेवा से पहली बार जुड़े गांवों की संख्या बढ़कर 850 हो गई। उन्होंने बताया कि योजना के पहले चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग को शामिल किया गया है।

बस्तर संभाग में 51 मार्ग पर 50 बस और सरगुजा संभाग में 55 मार्ग पर 57 बस संचालित की जा रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि योजना शुरू करने के पीछे सुदूर ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में नियमित सार्वजनिक परिवहन की कमी एक प्रमुख कारण था। बस्तर और सरगुजा के अनेक गांवों में नियमित बस सेवा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को पिकअप एवं अन्य वाहनों में सफर करना पड़ता था।

उन्होंने बताया कि दुर्गम मार्गों पर यात्रियों की संख्या कम होने के कारण निजी बस संचालकों के लिए नियमित बस सेवा चलाना व्यावसायिक रूप से कठिन था और इसी कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने वित्तीय सहायता के साथ नियमित यात्री परिवहन की व्यवस्था शुरू की। अधिकारियों ने बताया कि दुर्गम और कम यात्री संख्या वाले मार्गों पर नियमित बस संचालन को व्यावहारिक बनाने के लिए राज्य सरकार बस संचालकों को प्रति किलोमीटर वित्तीय सहायता दे रही है। पहले वर्ष में 26 रुपये प्रति किलोमीटर, दूसरे वर्ष में 24 रुपये और तीसरे वर्ष में 22 रुपये प्रति किलोमीटर की वित्तीय सहायता का प्रावधान है।

यह सहायता अधिकतम तीन वर्ष तक दी जाएगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत संचालित वाहनों को मासिक मोटरयान कर में भी अधिकतम तीन वर्ष तक छूट दी जाती है। अब तक 107 बस संचालकों को कुल 5.77 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है।

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