By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 31, 2021
नयी दिल्ली। मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) केवी सुब्रमण्यन ने निजी क्षेत्र की अगुवाई में बैड बैंक की स्थापना की वकालत की है। उन्होंने कहा है कि प्रभावी तरीके से गैर-निष्पादित आस्तियों (एनपीए) की समस्या से निपटने के लिए बैड बैंक जरूरी है। माना जा रहा है कि कोविड-19 की वजह से रिजर्व बैंक ने जो नियामकीय छूट दी हैं, उन्हें वापस लिए जाने के बाद बैंकों के डूबे कर्ज में बड़ा इजाफा हो सकता है। सरकार काफी समय से बैड बैंक के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को लोकसभा में बजट 2021-22 में इसको लेकर कुछ कदमों की घोषणा कर सकती हैं। बैड बैंक से आशय ऐसे वित्तीय संस्थान से है, जो ऋणदाताओं के डूबे कर्ज को लेगा और समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। ऋणदाता काफी समय से बैड बैंक की स्थापना की मांग कर रहे हैं, जिससे इस कठिन समय में उनका डूबे कर्ज का दबाव कुछ कम हो सके।