By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 31, 2022
नयी दिल्ली। बाल अधिकार संगठनों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा केंद्रीय बजट का केंद्र बिंदु होना चाहिए और बाल श्रम के उन्मूलन के लिए आवंटन में वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा-तंत्र को मजबूत करने में अधिक निवेश होना चाहिए। संगठनों ने यह भी कहा कि प्रभावी रोकथाम तंत्र की गति को तत्काल आधार पर तेज करने की आवश्यकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार को केंद्रीय बजट 2022-23 पेश करेंगी। कैलाश सत्यार्थी फाउंडेशन की कार्यकारी निदेशक, ज्योति माथुर ने कहा कि केंद्रीय बजट में बच्चों के लिए बजट आवंटन के कुल प्रतिशत हिस्से में सुधार किया जाना चाहिए, और इसे कम से कम 2020-21 के स्तर पर बहाल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘यहां यह उल्लेख करना जरूरी है कि बच्चों के कल्याण के लिए आवंटित केंद्रीय बजट का प्रतिशत हिस्सा 3.16 प्रतिशत (2020-21) से घटाकर 2.46 प्रतिशत (2021-22) कर दिया गया है। यह पिछले 11 वर्षों में बच्चों के कल्याण के लिए आवंटित, बजट का सबसे कम हिस्सा है।