By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 10, 2024
चीन ने मंगलवार को कहा कि वह ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और अमेरिका के बीच ऑकस पनडुब्बी समझौते को ताइवान मुद्दे से जोड़ने की बाइडन प्रशासन की किसी भी योजना का दृढ़ता से विरोध करेगा, क्योंकि इससे परमाणु प्रसार का खतरा होगा और एशिया-प्रशांत में हथियारों की दौड़ बढ़ेगी।
कैंपबेल के हवाले से पिछले सप्ताह ‘सेंटर फॉर ए न्यू अमेरिकन सिक्योरिटी थिंक टैंक’ में कहा गया था कि ऑकस पनडुब्बी परियोजना ताइवान के खिलाफ किसी भी चीनी कदम को रोकने में मदद कर सकती है।