By अभिनय आकाश | Jan 09, 2025
भारत के दुश्मनों के बुरे दिन शुरू हो गए हैं, फिर चाहे दुश्मन पड़ोस में हो या फिर दूर सबका इलाज शुरू हो गया है। दूर की बात करें तो कनाडा में जस्टिन ट्रूडो शासन का अंत हो चुका है। खालिस्तानी भी आखिरी सांसे गिन रहे हैं। मगर असली खेल तो पड़ोस में हुआ है। भारत ने एक ही समय पर तीन पड़ोसी देशों में तहलका मचा दिया है। बांग्लादेश, चीन और पाकिस्तान पर एक साथ भारत की कूटनीतिक मिसाइलें आकर गिरी हैं। भारत 48 घंटे में पाकिस्तान, बांग्लादेश और चीन के सबसे बड़े दुश्मनों के साथ खड़ा हो गया और बड़ा खेल कर दिया।
शेख हसीना के वीजा पर बड़ा फैसला लेने के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान को भी बड़ा झटका दिया है। भारत ने पहली बार दुबई जाकर तालिबान पर ऐसा ऐलान किया है, जिसे सुनकर पाकिस्तान को सदमा लग गया है। भारत ने कहा कि वह अफगानिस्तान में विकास परियोजनाओं में शामिल होने पर विचार करेगा और स्वास्थ्य क्षेत्र में देश को सहायता प्रदान करेगा। विदेश सचिव विक्रम मिसरी की दुबई में अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री मावलवी आमिर खान मुत्तकी के साथ बातचीत के बाद भारत का यह बयान आया है। यह विदेश सचिव और तालिबान के किसी वरिष्ठ मंत्री के बीच पहली सार्वजनिक बातचीत थी और इसमें अफगान पक्ष ने भारत की सुरक्षा चिंताओं के प्रति अपनी संवेदनशीलता को रेखांकित किया। इस बैठक में ऐलान किया गया कि पाकिस्तान ने जिन लाखों अफगानी नागरिकों को अपने देश से निकाल दिया था उनको अफगानिस्तान दोबारा बसाने के लिए भारत मदद करेगा।
चीन पर भी भारत ने बड़ा स्ट्राइक किया। तिब्बत में भयंकर भूकंप की खबरों से तो आप सभी वाकिफ होंगे। 126 लोगों की मौत के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि सरकार और भारत के लोग तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में आए विनाशकारी भूकंप के कारण हुई जान-माल की दुखद क्षति पर संवेदना व्यक्त करते हैं। मारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं। आपको बता दें कि भारत जब भी तिब्बत को स्वायत्त क्षेत्र बोलता है तो चीन के सीने पर सांप लोटने लग जाते हैं। लेकिन भारत ने साफ कर दिया है कि वो तिब्बत को अलग इलाका ही मानता है।