By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 03, 2021
बीजिंग।चीन में काम कर रही भारतीय कंपनियों और उद्योगों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) ने यहां कोविड-19 की वजह से लागू वीजा और यात्रा अंकुशों के जारी रहने पर चिंता जताई है। इन कार्यकारियों का कहना है कि अंकुशों की वजह से उनकी गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। चीन में भारत के राजदूत विक्रम मिसरी के साथ बातचीत में इन कार्यकारियों ने यह चिंता जताई। मिसरी शंघाई की यात्रा पर हैं। उन्होंने भारत की आजादी के 75 साल होने के सिलसिले में आयोजित किये जा रहे अमृत महोत्सव का शुक्रवार को उद्घाटन किया। इस दौरान मिसरी ने शंघाई के आसपास स्थित भारतीय कंपनियों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों और प्रतिनिधियों के साथ बातचीत भी की। शंघाई चीन का कारोबारी केंद्र है।
इन अंकुशों की वजह से 23,000 से अधिक भारतीय विद्यार्थी और सैकड़ों कारोबारी, कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य भारत में ही रह रहे हैं। अभी दोनों देशों के बीच उड़ानों का परिचालन नहीं हो रहा है। भारतीय दूतावास और विद्यार्थियों द्वारा कई बार इसकी मांग किए जाने के बावजूद चीन की ओर से अभी तक यह संकेत नहीं दिया गया है कि वह यात्रा की अनुमति कब देगा। ज्यादातर विद्यार्थी चीन के विश्वविद्यालयों में मेडिसिन की पढ़ाई करते हैं। इन विश्वविद्यालयों कहना है कि वे अपने देश में फंसे विद्यार्थियों की ऑनलाइन क्लास ले रहे हैं।