By रेनू तिवारी | Jun 10, 2026
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमाई संघर्ष और तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। बुधवार को अफगानिस्तान ने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना ने देश के भीतर नए सिरे से घातक हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में कम से कम 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 14 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए विस्तृत जानकारी साझा की। मुजाहिद के मुताबिक, पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों और ड्रोनों ने अफगानिस्तान के तीन प्रमुख सीमावर्ती प्रांतों को निशाना बनाया- खोस्त (Khost), कुनार (Kunar), पक्तिका (Paktika)।
पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान ऐसे चरमपंथियों को शरण देता है, जो पाकिस्तान के भीतर घातक हमले करते हैं। इनमें विशेष रूप से पाकिस्तान तालिबान शामिल है, जिसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) कहा जाता है। हालांकि, काबुल पाकिस्तान के इन आरोपों को खारिज करता रहा है।
क्या है टीटीपी और अफगान तालिबान का संबंध?
तकनीकी रूप से टीटीपी (TTP) अफगान तालिबान से एक अलग और स्वतंत्र संगठन है, लेकिन वैचारिक रूप से दोनों एक-दूसरे के मजबूत सहयोगी माने जाते हैं।गौरतलब है कि साल 2021 में अमेरिकी और नाटो (NATO) सेनाओं की अव्यवस्थित और जल्दबाजी में हुई वापसी के बाद, अफगान तालिबान ने बंदूक के दम पर काबुल की सत्ता पर कब्जा कर लिया था। तब से अफगानिस्तान पर तालिबान का शासन है, लेकिन पड़ोसी पाकिस्तान के साथ उनके संबंध सुधरने के बजाय लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। बुधवार को हुए इन ताजा हमलों ने क्षेत्र में एक नए मानवीय और भू-राजनीतिक संकट को जन्म दे दिया है।
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