अफगानिस्तान की मदद के लिए आगे आया चीन, अमेरिका और विश्व से भी सहायता प्रदान करने का किया आह्वान

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 13, 2021

बीजिंग। चीन ने सोमवार को अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ‘‘सक्रिय कदम’’ उठाकर युद्ध प्रभावित अफगानिस्तान को सहायता प्रदान करने का आह्वान किया जिससे देश में आर्थिक संकट को कम करने में मदद मिल सके। वहीं चीन ने तालिबान से भी कहा कि वह आतंकवादियों को अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल नहीं करने देने की अपनी प्रतिबद्धता पर खरा उतरे। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने सोमवार को एक प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘अफगान तालिबान को अपनी प्रतिबद्धता पर खरा उतरना चाहिए और सभी आतंकवादी ताकतों से ईमानदारी से अलग रहना चाहिए और उन पर नकेल कसने के लिए प्रभावी उपाय करने चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए आतंकवाद एक साझा खतरा बना हुआ है। चीन अन्य देशों के साथ काम करने के लिए तैयार है ताकि अफगानिस्तान को आतंकवाद का गढ़ और सुरक्षित पनाहगाह बनने से रोका जा सके और संयुक्त रूप से क्षेत्रीय शांति और स्थिरता की रक्षा की जा सके।’’ 

इसे भी पढ़ें: काबुल की झंडों की दुकान में अफगानिस्तान का इतिहास दर्ज, पढ़े ये स्पेशल रिपोर्ट

अफगानिस्तान में आर्थिक मंदी को रोकने के लिए अफगानिस्तान को सहायता की संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस की अपील पर प्रतिक्रिया पूछे जाने पर, झाओ ने कहा कि चीन ने युद्धप्रभावित देश को 20 करोड़ युआन (लगभग 3.1 करोड़ अमरीकी डालर) प्रदान करने की प्रतिबद्ध जतायी है जिसमें भोजन, सर्दियों के कपड़े और दवाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अफगानिस्तान को मानवीय सहायता देनी चाहिए। गत आठ सितंबर को, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अफगानिस्तान के पड़ोसियों पर पाकिस्तान द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में घोषणा की थी कि चीन युद्ध से तबाह देश को 3.1 करोड़ अमरीकी डालर की सहायता प्रदान करेगा। झाओ ने कहा, ‘‘जब सुरक्षा की स्थिति परिपक्व होगी, तो चीन अफगानिस्तान को परियोजनाओं के निर्माण में मदद करेगा और देश की शांति, पुनर्निर्माण और विकास का समर्थन करेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह दिखाता है कि अफगानिस्तान के प्रति चीन की मैत्रीपूर्ण नीति पूरे अफगान लोगों के लिए है। यह विशेष रूप से कठिन समय में पारस्परिक सहायता की चीनी संस्कृति का भी प्रतीक है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वर्तमान में, अफगानिस्तान गंभीर मानवीय आजीविका और महामारी चुनौतियों का सामना कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को लोगों को कठिन समय से निपटने में मदद करने के लिए आर्थिक, आजीविका और मानवीय सहायता की पेशकश करनी चाहिए।’’ 

इसे भी पढ़ें: तालिबान के शासन से पाकिस्तान की आधी से अधिक आबादी खुश, 36 फीसदी महिलाओं का भी मिला साथ

काबुल से पिछले हफ्ते प्राप्त खबरों में कहा गया कि तालिबान ने अफगानिस्तान में नये सरकार के शपथग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए चीन, पाकिस्तान, रूस, तुर्की, ईरान और कतर को आमंत्रित किया है। खबरों में कहा गया कि विभिन्न देशों को इस पर कड़ी आपत्ति थी कि अंतरिम सरकार समावेशी नहीं है, जैसा कि तालिबान ने पहले वादा किया था। 10 सितंबर को, रूसी समाचार एजेंसी ‘तास’ ने तालिबान के सांस्कृतिक आयोग के सदस्य इनामुल्ला समनगनी के हवाले से कहा कि अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार का शपथग्रहण समारोह रद्द कर दिया गया है। तास की खबर में कहा गया था कि इनामुल्लाह ने उन पिछली खबरों का खंडन किया कि शपथग्रहण 11 सितंबर के लिए निर्धारित किया गया था। उन्होंने इसे अफवाह बताया। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने शुक्रवार को कहा कि मॉस्को किसी भी क्षमता में शपथग्रहण समारोह में भाग नहीं लेगा।

प्रमुख खबरें

ईरान युद्ध और तेल की कीमतों पर Donald Trump का बड़ा बयान: मध्यावधि चुनाव में हार स्वीकारी, कहा- जरूरत पड़ी तो फिर उठाऊंगा वही कदम

विदेशी बाजार में US Dollar की मजबूती से गिरा Rupee, शुरुआती कारोबार में 94.55 पर पहुंचा

Washington Politics 2026 | ट्रम्प प्रशासन में दरार और 2028 की बिसात! JD Vance की न्यू राइट रणनीति, ईरान युद्ध का संकट और पेंटागन में उथल-पुथल

Ekadashi Vrat: सुख समृद्धि और पापों से मुक्ति के लिए Rama Ekadashi पर करें Lord Vishnu का पूजन