By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 01, 2026
दमन, एक अग्सत दमन एवं दीव से निर्दलीय लोकसभा सदस्य उमेश पटेल और एक अन्य आरोपी को 2011 में भर्ती प्रक्रिया के दौरान सरकारी अधिकारियों के काम में बाधा डालने के लिए शनिवार को दो साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई गई। दमन, दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन-दीव केंद्र शासित प्रदेश के दमन स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रणिता भारसकाडे-वाघ की अदालत ने उमेश पटेल और सह-आरोपी व पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुरेश पटेल को यह सजा सुनाई। दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला 12 मार्च 2011 का है, जब दोनों ने मोती दमन के फुटबॉल मैदान में कथित रूप से प्रवेश किया था, जहां आबकारी उप-निरीक्षक के पद के लिए भर्ती प्रक्रिया जारी थी। शिकायतकर्ता और उस समय के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगमोहनेंद्र सिंह नेशिकायत में आरोप लगाया था कि दोनों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को धक्का दिया और जबरन उस स्थान में प्रवेश किया, जहां उप-निरीक्षकों की साक्षात्कार प्रक्रिया जारी थी। शिकायत के अनुसार उन्होंने पुलिसकर्मियों से दुर्व्यवहार किया और सरकारी कर्मचारियों को उनके आधिकारिक कार्य करने से रोका।
मुकदमे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अदालत ने शनिवार को दोनों को दोषी ठहराया और दो साल की साधारण कैद की सजा सुनाई। उमेश पटेल ने 2024 के लोकसभा चुनाव में दमन एवं दीव सीट से तीन बार के भाजपा सांसद लालू पटेल को हराया था।