By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 28, 2020
बीजिंग। चीन ने सोमवर को कहा कि अमेरिका के चेंगदू स्थित वाणिज्य दूतावास परिसर के खाली होने के बाद उसने इमारत को अपना कब्जे में ले लिया है। चीन ने ह्यूस्टन में चीनी वाणिज्य दूतावास बंद करने के अमेरिका के आदेश के बाद, जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे चेंगदू स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास बंद करने आदेश दिया था। चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘ 27 जुलाई सुबह 10 बजे चेंगदू में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास बंद कर दिया गया।’’ चेंगदू चीन के सिचुआन प्रांत की राजधानी है। बाद में मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि चीन की अपेक्षा के तहत आज सुबह अमेरिका के कर्मियों ने वाणिज्य दूतावास को खाली कर दिया और चेंगदू में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास बंद हो गया है।
उन्होंने कहा कि चीन को जवाबी कार्रवाई करने का पूरा हक है। सरकारी प्रसारक ‘सीसीटीवी’ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बताया कि चेंगदू में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास से सोमवार सुबह छह बजकर 18 मिनट पर अमेरिकी झंडा उतार दिया गया। पुलिस ने वाणिज्य दूतावास के चारों ओर के इलाके में दो से तीन ब्लॉक बंद कर दिए हैं, जिसके कारण अब इस परिसर को देखा नहीं जा सकता। वाहनों को कई पुलिस लाइनों के पीछे कुछ दूरी से चलते देखा गया। अमेरिका ने ह्यूस्टन में चीनी वाणिज्य दूतावास को बंद करने का आदेश दिया था और आरोप लगाया था कि ह्यूस्टन का वाणिज्य दूतावास चीनी जासूसों का अड्डा बन गया है, जिन्होंने टेक्सास में कम्पनियों के डेटा चुराने की कोशिश की। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में वाणिज्य दूतावास के बंद होने पर निराशा जतायी और कहा कि दूतावास ‘‘ तिब्बत सहित पश्चिमी चीन के लोगों के साथ पिछले 35 साल से हमारे संबंधों का केन्द्र रहा है।’’ बयान में कहा, ‘‘ हम चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के फैसले से निराश हैं और चीन में अपने अन्य मिशन के जरिए इस महत्वपूर्ण क्षेत्र के लोगों तक पहुंचने की कोशिश जारी रखेंगे।’’ हांगकांग के ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ ने एक खबर में बताया कि सुबह 11 बजे से पहले, कई कारें, एक सफेद एम्बुलेंस और दर्जनों चीनी कर्मचारियों को चेंगदू वाणिज्य दूतावास के पास देखा गया। पुलिस ने वाणिज्य दूतावास के सामने सड़क और पैदल पथ बंद कर दिए हैं और वहां अवरोधक लगाये हैं। इस वाणिज्य दूतावास की शुरुआत 1985 में की गई थी। इसमें200 कर्मचारी काम कर रहे थे, जिनमें से 150 स्थानीय थे।