कर्ज चुकाने के लिए चीन की डेडलाइन, क्या ड्रैगन के कब्जे में चला जाएगा पाकिस्तान?

By अभिनय आकाश | Apr 04, 2022

पाकिस्तान में इमरान खान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद से देश के सियासी घटनाक्रम में काफी तेजी से बदलाव आया है। इमरान खान ने इसके तुरंत बाद ही संसद भंग किए जाने की मांग की और राष्ट्रपति ने इसको लेकर अपनी सहमति भी जता दी। जिसके बाद से ही विपक्ष का हंगामा जारी है। पूरा मामला अब सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे तक पहुंच चुका है। मामले को लेकर सुनवाई कल तक के लिए टल गई है। कल कोर्ट की तरफ से इस पर कोई फैसला हो सकता है। पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता के साथ ही आर्थिक तंगी भी रिकॉर्ड स्तर पर है। जिससे बाहर निकलने के बारे में पाकिस्तान सोच रहा है। पाकिस्तान की गद्दी पर इमरान खान रहे या न रहे। फिलहाल पाकिस्तान की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। 

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इमरान सरकार के कार्यकाल में पाकिस्तान पर चीन का प्रभाव काफी तेजी से बढ़ा है। ग्वादर में चीन नया शहर बना रहा है। पाकिस्तान का सीपैक चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का अहम हिस्सा है। कर्ज के जाल में इमरान सरकार सबसे ज्यादा उलझी है। इस बीच पाकिस्तान को तगड़ा झटका देते हुए चीन ने लाहौर औरेंड लाइन परियोजना से जुड़ा 55.6 मिलियन डॉलर का बकाया मांगा है। इस रकम को नवंबर 2023 तक इस्लामाबाद को अदा करने के लिए कहा गया है। स्थानीय मीडिया के अनुसार मार्च तक पाकिस्तान को 45.3 मिलियन और इस साल के अंत तक 10.3 मिलियन डॉलर की शेष बकाया राशि चुकता करनी होगी। पाकिस्तान ने कर्ज चुकाने के लिए नया कर्ज ले लिया है। जिससे ये कर्ज का बोझ और बढ़ गया है। इमरान खान की संभावित हार और नेतृत्व परिवर्तन की खबरों के बीच 

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