By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 23, 2020
बीजिंग। चीनी नेताओं को उम्मीद है कि यदि अमेरिका के आगामी राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन की जीत होती है तो अमेरिका का चीन से व्यापार, प्रौद्योगिकी और सुरक्षा को लेकर रवैया बदलेगा। लेकिन कोई भी बदलाव केवल शैली में होने की संभावना है क्योंकि अमेरिकी राजनीति के हर हलके में चीन को लेकर निराशा बढ़ रही है। चुनाव के परिणाम कुछ भी होख् रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी दोनों के नेता चीन के प्रति नरम रुख अपनाने के लिए तैयार नहीं दिखते हैं। गत कुछ महीनों में कोरोना वायरस महामारी, प्रौद्योगिकी, व्यापार, सुरक्षा और जासूसी करने जैसे विवादों के कारण अमेरिका-चीन संबंध और कड़वे हो गए हैं। ढेर सारे मुद्दों पर डेमोक्रैटिक और रिपब्लिकन पार्टियेां के बीच तीखे मतभेद के बावजूद चीन के कारोबारी रिकॉर्ड और हांगकांग, ताइवान, तिब्बत तथा शिनजियांग में धार्मिक एवं जातीय अल्पसंख्यकों के प्रति चीन के रवैये को लेकर दोनों पार्टियां आलोचना करती रही हैं।