By रेनू तिवारी | Jul 07, 2026
चीन द्वारा प्रशांत महासागर में परमाणु-संचालित पनडुब्बी से दागी गई इस 'अदृश्य' रणनीतिक मिसाइल ने वैश्विक मंच पर तहलका मचा दिया है। इस सीक्रेट परीक्षण के बाद पूरा प्रशांत महासागर महाशक्तियों के युद्ध के अखाड़े में तब्दील होता नजर आ रहा है। बीजिंग की इस बढ़ती सैन्य आक्रामकता और परमाणु हथियारों के अपारदर्शी विस्तार पर अमेरिका ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए खुली चेतावनी दे दी है। वाशिंगटन ने साफ किया है कि चीन का यह कदम वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है, और अमेरिका अपने सहयोगी देशों की रक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। इस एक परीक्षण ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में परमाणु युद्ध के खतरे और महाशक्तियों के बीच टकराव को चरम पर पहुंचा दिया है।
चीन ने सोमवार को प्रशांत महासागर में अपनी एक परमाणु-संचालित पनडुब्बी से ‘डमी’ हथियार से लैस लंबी दूरी की रणनीतिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने एक बयान में कहा, ‘‘अमेरिका ने चीन द्वारा एक पनडुब्बी से प्रक्षेपित, बिना हथियार वाली अंतरमहाद्वीपीय दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल के परीक्षण को देखा। यह मिसाइल दक्षिणी प्रशांत महासागर में जाकर गिरी।’’ उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब अमेरिका परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के लिए पहले से अधिक प्रयास कर रहा है, चीन इसके विपरीत दिशा में आगे बढ़ रहा है। पिगॉट ने कहा, ‘‘बीजिंग द्वारा परमाणु हथियारों के भंडार का तेज और अपारदर्शी विस्तार क्षेत्र और पूरी दुनिया के लिए गंभीर चिंता का विषय है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम चीन से आग्रह करते हैं कि वह हथियार नियंत्रण वार्ता में शामिल हो तथा सभी अंतरमहाद्वीपीय दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों और अंतरिक्ष प्रक्षेपणों के लिए पूर्व सूचना देने की व्यवस्था अपनाए, जैसा कि पी-5 के अन्य सभी सदस्य पहले ही करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका अपने सहयोगियों और साझेदारों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं पर पूरी तरह अडिग है।’’
चीन ने कहा कि यह परीक्षण पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) नौसेना के वार्षिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का नियमित हिस्सा है। पीएलए नौसेना के अनुसार, परीक्षण प्रक्षेपण से पहले संबंधित देशों को इसकी अग्रिम सूचना दे दी गई थी। नौसेना ने कहा कि यह परीक्षण अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय प्रथाओं के अनुरूप किया गया तथा इसका उद्देश्य किसी विशेष देश या लक्ष्य को निशाना बनाना नहीं था। हालांकि, उसने मिसाइल के नाम और उसकी मारक क्षमता का खुलासा नहीं किया।
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