By अभिनय आकाश | Apr 11, 2025
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस समय बैठकों में उलझे हुए हैं। ट्रंप के 145 % के टैरिफ के बाद चीन में बड़ी बड़ी बैठकें हो रही हैं। इकोनॉमिक एडवाइजर अपने स्तर पर चीनी प्रशासन को नसीहत दे रही है। लेकिन इधर ट्रंप की आफत कहर बनकर चीन पर टूटने के लिए अभी भी तैयार है। इसी बीच एक ऐसी खबर सामने आ रही है, जिसके बाद चीन का ट्रंप के फैसलों पर जवाब देने का रास्ता समझ में आ जाएगा। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अगले सप्ताह तीन देशों के दक्षिण पूर्व एशिया दौरे पर जाएंगे। एक साथ तीन देशों का दौरा करने के लिए जिनपिंग बहुत जल्द रवाना होने वाले हैं। सबसे बड़ी बात ये है कि बैठक का फैसला बहुत जल्दी में लिया गया। ऐसे समय में जब ट्रंप टैरिफ पॉलिसी को लेकर लगातार चीन पर सख्त हो रहे हैं।
पहले से ही राहत के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका से संपर्क करने की पहल ये तीनों ही देश पहले ही कर चुके हैं। जिससे चीन द्विपक्षीय बातचीत में एक अलग देश बन चुका है। चीन अमेरिका और इन आसियान देशों के साथ हो रही बैठक से बहुत दूर जा चुका है। चीन इसी दूरी को पाटने की कोशिश में है और सबसे पहले अपने पड़ोसियों को साधने में लग चुका है। माना जा रहा है कि भारत ने सहयोग संबंधी चीन के आह्वान को तवज्जो नहीं दी है। वहीं चीन का करीबी देश रूस पूरे परिदृश्य में कहीं नहीं है।