Tibet की पहचान मिटाने पर तुला China, Xi Jinping की 'जातीय नीति' से तिब्बतियों में भारी खौफ

By अभिनय आकाश | Jun 17, 2026

चीनी अधिकारियों ने तथाकथित हैनान तिब्बती स्वायत्त प्रान्त में एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इसमें तिब्बती धार्मिक प्रतीकों, सांस्कृतिक परंपराओं और स्थानीय सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाया जा रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह तिब्बतियों को चीनी राज्य के ढांचे में शामिल करने की एक तेज़ कोशिश है। तिब्बत टाइम्स के मुताबिक, अप्रैल 2026 में इस प्रान्त के कम्युनिस्ट पार्टी सचिव के तौर पर चीनी अधिकारी श्योंग युआनलाई की नियुक्ति के बाद यह कार्रवाई और तेज़ हो गई। तब से, अधिकारियों ने चाबचा, त्रिका, मांगरा, बा और ड्रैगकर जैसे इलाकों में कई कदम उठाए हैं, जिससे स्थानीय तिब्बतियों में भारी परेशानी और बेचैनी है। सूत्रों ने बताया कि तिब्बती बौद्ध धर्म के अहम प्रतीक माने जाने वाले सैकड़ों पवित्र 'मणि पत्थर के ढेर' (Mani stone mounds) को योजनाबद्ध तरीके से नष्ट कर दिया गया और ज़मीन में दबा दिया गया।

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स्थानीय सूत्रों ने यह भी बताया है कि कई तिब्बती सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है; इसके पीछे यह तर्क दिया गया है कि सरकारी दफ्तरों में तिब्बतियों की संख्या ज़रूरत से ज़्यादा है। 'तिब्बत टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, कई पदों पर चीनी मूल के अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। एक स्थानीय निवासी ने वहाँ के माहौल को डर और निराशा से भरा बताया। उन्होंने कहा कि नए पार्टी सेक्रेटरी के आने के बाद से लोगों को लगता है कि वे सरकारी आदेशों का विरोध नहीं कर सकते। उस व्यक्ति ने मौजूदा हालात की तुलना 1950 के दशक के आखिर में हुए दमन से की—एक ऐसा दौर जिसे कई तिब्बती लोग भारी राजनीतिक उथल-पुथल और सरकारी नियंत्रण के समय के तौर पर याद करते हैं। यह जानकारी 'तिब्बत टाइम्स' ने दी है।

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