By अभिनय आकाश | Jan 20, 2026
सरकार द्वारा जन्म दर बढ़ाने के लिए कई प्रोत्साहन योजनाओं के बावजूद, चीन की जनसंख्या में लगातार चौथे वर्ष गिरावट दर्ज की गई और 2025 में जन्म दर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई। जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश की जन्म दर गिरकर 5.63 प्रति 1,000 व्यक्ति हो गई – जो 1949 में कम्युनिस्ट पार्टी के सत्ता में आने के बाद से अब तक का सबसे निचला स्तर है, जबकि मृत्यु दर बढ़कर 8.04 प्रति 1,000 व्यक्ति हो गई, जो 1968 के बाद से उच्चतम स्तर है।
2025 के अंत तक इसकी जनसंख्या 3.39 मिलियन घटकर 1.4 बिलियन हो गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक तेजी से घटी है। वृद्धावस्था से जूझ रही जनसंख्या और सुस्त अर्थव्यवस्था के कारण, बीजिंग युवाओं को विवाह करने और बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए अथक प्रयास कर रहा है। चीन की आबादी लगातार चौथे साल घटी है। साल 2025 में यह 33.9 लाख घटकर 1.4 अरब रह गई। पीढ़ियों तक 'एक बच्चा नीति' के जरिये आबादी सीमित रखने के बाद अब चीन के सामने सबसे बड़ी चुनौती लोगों को ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए राजी करना है। कभी दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश रहा चीन अब भारत के बाद दूसरी बड़ी आबादी वाला देश है। फिर भी उसकी कुल जनसंख्या लगातार घट रही है।
2025 में 79.2 लाख बच्चों का जन्म हुआ, 2024 में 95.4 लाख जन्मे थे, जन्मदर 1000 पर 5.63 रही, जो 1949 में चीन की स्थापना के बाद सबसे कम है।
2025 के अंत में 60+ आबादी 32.3 करोड़ थी, जो कुल आबादी का 23% हैं। ये 2035 तक 40 करोड़, 2100 तक आधी आबादी इस दायरे में होगी।
पिछले साल चीन में शादियों में करीब 20% की गिरावट आई। कम शादियां होने का सीधा असर जन्म दर पर पड़ता है। दरअसल ज्यादातर युवा शादी और परिवार शुरू करने से बच रहे है। हालांकि सरकार ने जन्म दर बढ़ाने के लिए बच्चों को देशभक्ति से जोड़ा है। कॉन्डम और गर्भनिरोधक दवाओं पर टैक्स लगाया है।