ईरान में टेंशन जारी, डिफेंस डील के बाद जमीन वाली तैयारी, मिडिल ईस्ट में क्या नया गुल खिलाएगी सऊदी-पाक की यारी

इन दोनों देशों के अलावा आठ अन्य देश भी इस अभ्यास में भाग ले रहे हैं। खबरों के अनुसार, पाकिस्तान वायु सेना (पीएएफ) का एक दल19 जनवरी को सऊदी अरब पहुंचा, जो एक बहुराष्ट्रीय हवाई युद्ध अभ्यास में हिस्सा लेने जा रहा है। यह दल एफ-16 ब्लॉक-52 लड़ाकू विमानों से लैस है।
पाकिस्तान वायु सेना ने ईरान संकट के बीच सऊदी अरब की सेना के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास करने के लिए हाथ मिलाया है। गौरतलब है कि इन दोनों देशों के अलावा आठ अन्य देश भी इस अभ्यास में भाग ले रहे हैं। खबरों के अनुसार, पाकिस्तान वायु सेना (पीएएफ) का एक दल19 जनवरी को सऊदी अरब पहुंचा, जो एक बहुराष्ट्रीय हवाई युद्ध अभ्यास में हिस्सा लेने जा रहा है। यह दल एफ-16 ब्लॉक-52 लड़ाकू विमानों से लैस है। यह जानकारी सोमवार को सेना के मीडिया विंग, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) द्वारा साझा की गई। आईएसपीआर ने अपने बयान में कहा कि पीएएफ की टुकड़ी सऊदी अरब के किंग अब्दुलअज़ीज़ एयर बेस पर उतरी है। इस अभ्यास में सऊदी अरब, पाकिस्तान, फ्रांस, इटली, ग्रीस, कतर, बहरीन, जॉर्डन, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका के लड़ाकू विमान और युद्ध सहायता इकाइयां भाग ले रही हैं।
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ईरान संकट के बीच दो मुस्लिम देश की सेना ने मिलाए हाथ
बहुराष्ट्रीय अभ्यास का नाम स्पीयर्स ऑफ विक्ट्री-2026 है।
यह अभ्यास भाग लेने वाली वायु सेनाओं के बीच अंतर-संचालनीयता, परिचालन समन्वय, आपसी समझ और क्षमता विकास को बढ़ाने के लिए एक मजबूत मंच प्रदान करेगा।
इसमें बड़े पैमाने पर सैन्य तैनाती और रात्रिकालीन हवाई अभियानों पर विशेष जोर दिया जाएगा।
यह अभ्यास एकीकृत खुफिया, निगरानी और टोही (आईएसआर) और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों से जुड़े मिशनों का भी आयोजन करेगा।
आईएसपीआर ने कहा कि इस बहुराष्ट्रीय मंच में भाग लेकर, पाकिस्तान वायु सेना का उद्देश्य सहयोगी वायु सेनाओं के साथ समन्वय को और मजबूत करना है।
बयान के अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय तैनाती के लिए, पीएएफ के लड़ाकू विमान पाकिस्तान में अपने घरेलू ठिकानों से सीधे सऊदी अरब के लिए उड़ान भरे, जिससे पीएएफ की लंबी दूरी की परिचालन और तैनाती क्षमता का प्रदर्शन हुआ।
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