चीन एनाकोंडा की तरह देशों को अपनी गिरफ्त में फंसा रहा है : पेंटागन

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 12, 2019

वाशिंगटन। पेंटागन ने अमेरिकी कांग्रेस से कहा कि चीन अरबों डॉलर की अपनी महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड पहल के जरिए अपनी वैश्विक निर्णायक नौसेना बनाने की कोशिश कर रहा है। उसने चेतावनी दी कि बीजिंग के ‘‘प्रतिकूल समझौते’’ किसी देश की संप्रभुत्ता को उस तरह अपनी लपेट में ले रहे हैं जैसे कि एनाकोंडा अपने शिकार को घेरकर खाता है। गौरतलब है कि चीन बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव (बीआरआई) के जरिए विभिन्न देशों को ढांचागत परियोजनाओं के लिए अरबों डॉलर का कर्ज दे रहा है। बताया जा रहा है कि चीन इन देशों को कर्ज के चक्रव्यूह में फंसा रहा है जिससे बाहर निकलना उनके लिए मुश्किल हो जाएगा।

चीफ ऑफ नेवल ऑपरेशंस जॉन रिचर्डसन ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस की सुनवाई के दौरान सदन की सशस्त्र सेवा समिति के सदस्यों को बताया, ‘‘चीन की बेल्ट एंड रोड पहल उसकी राष्ट्रीय शक्ति के कूटनीतिक, आर्थिक, सैन्य और सामाजिक तत्वों का मिश्रण है। यह वैश्विक रूप से निर्णायक नौसेना बनाने की उसकी कोशिश है।’’

इसे भी पढ़ें: व्यापार तनाव, ब्रेक्जिट की वजह से धीमी पड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था- IMF

उन्होंने कहा, ‘‘चीन के काम का उद्देश्य देशों की वित्तीय कमजोरी का फायदा उठाना है। वे वाणिज्यिक बदंरगाह बनाने का अनुबंध कर रहे हैं, घरेलू सुविधाओं को उन्नत करने का वादा कर रहे हैं और राष्ट्रीय ढांचागत परियोजनाओं में निवेश कर रहे हैं।’’चीन की 60 अरब डालर की चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा योजना (सीपेक) से भारत-चीन संबंधों में गतिरोध आ गया है। भारत ने सीपेक के पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से गुजरने पर आपत्ति जताई और उसने पिछले साल चीन द्वारा आयोजित हाई प्रोफाइल बेल्ट एंड रोड फोरम का बहिष्कार कर दिया था। 

प्रमुख खबरें

Income Tax अलर्ट: REIT-InvIT से होने वाली कमाई पर बदल गए नियम, ITR फाइलिंग में रखें खास ध्यान

Global Oil Crisis: होर्मुज संकट से $84 के पार पहुंचा Brent Crude, ईरान-अमेरिका में बढ़ी तकरार

India Neighborhood First policy: बांग्लादेश से लेकर नेपाल तक भारत का बड़ा गेम, पलटा पासा !

Google में बड़ा Leadership बदलाव: Demis Hassabis बने अध्यक्ष, 27 साल बाद Jeff Dean ने छोड़ी कंपनी