By अभिनय आकाश | May 22, 2022
भारत के प्रधानमंत्रा नरेंद्र मोदी जापान में क्वाड शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए जाने वाले हैं। इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन भी जाएंगे। भारत के लिहाज से भी यह सम्मेलन अहम है, क्योंकि लद्दाख सीमा पर चीन ने फिर से अवैध निर्माण की हरकतें शुरू कर दी है। इस बीच खबर है कि क्वॉड सम्मेलन में चीन के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। चीन पर शिकंजा कसने के लिए भी तैयारी है।
चीन के अवैध मछली पकड़ने पर लगाम के लिए क्वाड की तरफ से सिस्टम बनाया जाएगा। इसके लिए तैयारी भी होगी। अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत की तरफ से इस सिस्टम को लीड किया जाएगा। क्वाड देश टोक्यो में होने वाले सम्मेलन में इस पहल की घोषणा करेंगे। समुंदर में चीन के लिए एक ट्रैकिंग सिस्टम भी बनाया जाएगा। सैटेलाइट के तहत सर्विलांस सिस्टम होगा। जिससे अवैध मछली पकड़ना मुश्किल होगा। शुरुआती दौर में सिंगापुर, भारत और पैसिफिक को इस सिस्टम से जोड़ा जाएगा। ये सिस्टम हिंद महासागर और दक्षिण पूर्व एशिया से साउथ पेसिफिक तक निगरानी करेगा।
समुंद्र में चीन पर शिकंजा कसना क्यों जरूरी?
चीन अवैध तौर पर मछली पकड़ने वाला दुनिया का सबसे बड़ा अपराधी देश बन चुका है। इंडो पैसिफिक में 95 प्रतिशत अवैध मछली पकड़ने के लिए चीन जिम्मेदार है। अवैध तौर पर मछली पकड़ने का सीधा असर ग्लोबल मछली स्टॉक पर पड़ता है। ग्लोबल मछली स्टॉक काफी कम हुआ। कई देशों की पारंपरिक आजीविका पर सीधा असर पड़ा। क्वाड का ये कदम इंडो पैसिफिक में पर्यावरण और सुरक्षा के लिहाज से बेहज अहम साबित होगा। ये एक बॉर्डर स्टैटजी भी है। जिसके तहत छोटे पैसिफिक आइलैंड की चीन पर निर्भरता कम होगी।