चीन के साथ दोस्ती मजबूत और अमेरिका से खराब रिश्ते सुधारना चाहता है पाकिस्तान, ये है बिलावल भुट्टो का प्लान

Bilawal Bhutto
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रेनू तिवारी । May 22, 2022 11:45AM
पाकिस्तान के नए विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी और उनके चीनी समकक्ष वांग यी रविवार को चीनी शहर ग्वांगझू में दोनों देशों के बीच हर मौसम में संबंध मजबूत करने के लिए बातचीत करेंगे। इमरान खान सरकार के पतन के बाद विदेश मंत्री के रूप में पदभार संभालने के बाद बिलावल की यह पहली चीन यात्रा है।

 खबर के मुख्य बिंदु 

  • बिलावल भुट्टो ने हाल ही में इमरान खान सरकार के पतन के बाद विदेश मंत्री के रूप में पदभार संभाला था
  • बिलावल भुट्टो ने पुष्टि में ट्वीट किया मेरी पहली द्विपक्षीय यात्रा पर ग्वांगझू में उतरा
  • भुट्टो अभी न्यूयॉर्क से लौटे हैं, जहां उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन के साथ बातचीत की

Pakistan Foreign Minister Bilawal Bhutto Zardari China visitपाकिस्तान के नए विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी और उनके चीनी समकक्ष वांग यी रविवार को चीनी शहर ग्वांगझू में दोनों देशों के बीच हर मौसम में संबंध मजबूत करने के लिए बातचीत करेंगे। इमरान खान सरकार के पतन के बाद विदेश मंत्री के रूप में पदभार संभालने के बाद बिलावल की यह पहली चीन यात्रा है। उनकी बैठक ग्वांगझू में होने वाली है क्योंकि बीजिंग वर्तमान में COVID-19 के तेजी से फैलने वाले ओमिक्रॉन संस्करण को शामिल करने के लिए अर्ध-लॉकडाउन के तहत है।  बिलावल ट्वीट किया मेरी पहली द्विपक्षीय यात्रा पर ग्वांगझू में उतरा। आज पाकिस्तान और चीन के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 71 वीं वर्षगांठ भी है। पाकिस्तान-चीन संबंधों पर गहन चर्चा के लिए चीनी स्टेट काउंसलर और विदेश मंत्री वांग यी से मिलने के लिए उत्सुक हैं। 33 वर्षीय, जिनकी मां बेनजीर भुट्टो और दादा जुल्फिकार अली भुट्टो पूर्व प्रधान मंत्री थे, न्यूयॉर्क से अभी वापस आए हैं, जहां उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ बातचीत की और अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की, जो इस दौरान बिगड़े थे। 

 बिलावल  की चीन और अमेरिका की यात्रा के क्या है मायने?

बिलावल भुट्टो जरदारी की चीन यात्रा 

पाकिस्तान के नवनियुक्त विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी चीन की यात्रा पर हैं, जहां वह चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ मुलाकात करेंगे तथा दोनों देशों के बीच संबंधों को और प्रगाढ़ करने पर चर्चा करेंगे। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात गुआंगझोऊ में होने वाली है क्योंकि देश की राजधानी बीजिंग में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ने के कारण आंशिक तौर पर लॉकडाउन लागू है।

चीन के साथ पाकिस्तान के बिगड़े संबंधों को ठीक करना चाहते हैं  बिलावल

बिलावल ने ट्वीट किया, ‘‘ पहली द्विपक्षीय यात्रा के तहत गुआंगझोऊ में उतरा। आज पाकिस्तान और चीनके बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 71वीं वर्षगांठ है। चीन के स्टेट काउंसलर एवं विदेश मंत्री वांग यी के साथ पाकिस्तान और चीन के बीच गहरे संबंधों पर बातचीत करने को लेकर उत्सुक हूं।’’

अमेरिका के साथ भी अपनी दोस्ती बढ़ाना चाहता है पाकिस्तान

बिलावल जरदारी इससे पहले न्यूयॉर्क गए थे जहां उन्होंने अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात की थी और पाकिस्तान तथा अमेरिका के बीच संबंधों को गहरा करने पर चर्चा की थी। दोनों देशों के बीच संबंध पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के शासनकाल में काफी खराब हो गए थे। ब्लिंकन से मुलाकात के बाद बिलावल ने मीडिया से बातचीत में उन बातों को खारिज किया था कि अमेरिका के साथ संबंध बढ़ने से पाकिस्तान के चीन के साथ संबंध खराब हो सकते हैं।

पाकिस्तान की सरकारी समाचार एजेंसी एपीपी ने पहले अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि बिलावल के साथ विदेश मामलों की राज्य मंत्री हिना रब्बानी खार और वरिष्ठ अधिकारी भी यात्रा पर हैं। शनिवार को चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजिआन ने पाकिस्तान और चीन के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 71वीं वर्षगांठ पर दोनों देशों को बधाई दी थी। उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया, ‘‘बधाई, 21 मई को पाकिस्तान और चीन के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 71वीं वर्षगांठ है। विदेश मंत्री बिलावल 21 मई को चीन आ रहे हैं।’’ बिलावल चीन की दो दिन की यात्रा पर हैं।

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