By अभिनय आकाश | Feb 16, 2026
अमेरिका ईरान के माथे पर एयरक्राफ्ट कैरियर्स और खूंखार लड़ाकू विमान लेकर खड़ा है। तो वहीं इन सबके बीच एक और बड़ा खुलासा हो गया है। यह खुलासा किया है चीन की सेटेलाइट तस्वीरों ने। जिसने दिखा दिया है कि जॉर्डन के मुआफक साल्टी एयरबेस पर अमेरिका का सुपर डिफेंस सिस्टम ठाड यानी कि टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस तैनात हो चुका है। जिनकी तैनाती की यह तस्वीरें सवाल उठा रही हैं कि क्या अमेरिका ईरान पर हमले की तैयारी कर चुका है और हमले के बाद किसी भी जवाबी हमले से निपटने के लिए अमेरिका इन डिफेंस सिस्टमकी तैनाती कर रहा है। इसकी तैनाती उस बेस पर की गई है जिसे अमेरिकी फौजों का मिडिल ईस्ट में सबसे महत्वपूर्ण फॉरवर्ड लोकेशन माना जाता है और इसलिए ईरान के खिलाफ किसी कार्रवाही से पहले अमेरिका इस बेस पर अपने आप को मजबूत कर रहा है और अब चीन ने अमेरिका के इस चाल को बेनकाब कर दिया जहां इस पूरे मामले में चीन की सेटेलाइट्स का एक अलग खेल सामने आया है।
थार्ड एक एडवांस एंटीबैलेस्टिक मिसाइल सिस्टम है जो दुश्मनों की बैलेस्टिक मिसाइलों को आसमान में ही मार गिराने के लिए बनाया गया है। इसकी सबसे खास बात यह है कि यह वायुमंडल के अंदर भी काम करता है और वायुमंडल के बाहर भी। अमेरिका के पास इसकी अब सिर्फ आठ बैटरीियां मौजूद हैं और इसमें इस्तेमाल होने वाली इंटरसेप्टर मिसाइलों का स्टॉक भी अब अमेरिका के पास सीमित रह गया है। जॉर्डन का मुआफाक साल्टी बेस ईरान के बेहद करीब है और अगर अमेरिका ईरान के खिलाफ कोई भी कारवाई करता है तो उसे सबसे पहले मिडिल ईस्ट में मौजूद अपनी फौजों की रक्षा को मजबूत करना होगा।