Ola Electric Q3 Results: घाटा कम, पर Revenue में भारी गिरावट, Gigafactory पर टिका भविष्य

By Ankit Jaiswal | Feb 16, 2026

इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ओला इलेक्ट्रिक ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के मुताबिक दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही में उसका समेकित शुद्ध घाटा घटकर 487 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह घाटा 564 करोड़ रुपये था।

बेंगलुरु स्थित कंपनी ने इस तिमाही को ‘स्ट्रक्चरल रीसेट’ का दौर बताया है। गौरतलब है कि कंपनी ने अपने रिटेल नेटवर्क, लागत ढांचे और ऑपरेटिंग मॉडल में व्यापक बदलाव किए हैं, ताकि कारोबार को टिकाऊ आधार पर खड़ा किया जा सके। कंपनी का कहना है कि उसने सेवा ढांचे को मजबूत करने और लागत कम करने पर विशेष ध्यान दिया है।

तिमाही के दौरान कंपनी का समेकित ग्रॉस मार्जिन 34.3 प्रतिशत के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, जो सालाना आधार पर 15.7 प्रतिशत अंक और पिछली तिमाही के मुकाबले 3.4 प्रतिशत अंक अधिक है। कंपनी के अनुसार, यह सुधार उसके वर्टिकली इंटीग्रेटेड मॉडल, जेन-3 प्लेटफॉर्म और बेहतर परिचालन अनुशासन का परिणाम है।

कंपनी ने बताया कि उसने अपने स्टोर और सर्विस नेटवर्क का अनुकूलन किया है और एआई आधारित ऑटोमेशन को लागू किया है। आने वाली कुछ तिमाहियों में समेकित परिचालन व्यय (ओपेक्स) को घटाकर 250-300 करोड़ रुपये प्रति तिमाही तक लाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे ईबीआईटीडीए ब्रेकईवन लगभग 15,000 यूनिट प्रति माह तक लाने की योजना है।

मौजूद जानकारी के अनुसार कंपनी ने बैटरी निर्माण के क्षेत्र में भी प्रगति दर्ज की है। तिमाही के दौरान सेल उत्पादन दोगुना होकर 72,418 सेल तक पहुंच गया। इसके साथ ही कंपनी ने अपने इन-हाउस 4680 ‘भारत सेल’ को ग्राहकों के वाहनों में पहली बार व्यावसायिक रूप से तैनात किया है और ‘ओला शक्ति’ नाम से आवासीय बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली भी पेश की है।

कंपनी की गीगाफैक्ट्री वर्तमान में करीब 2.5 गीगावॉट घंटे की स्थापित क्षमता पर काम कर रही है, जिसे मार्च 2026 तक बढ़ाकर 6 गीगावॉट घंटे करने की योजना है। बता दें कि वैश्विक स्तर पर ईवी, सोलर-प्लस-स्टोरेज और डेटा सेंटर ऊर्जा मांग बढ़ने से बैटरी बाजार में संभावनाएं मजबूत हो रही हैं। कंपनी का मानना है कि यह ढांचा उसे लागत दक्षता और ऊर्जा भंडारण बाजार में बेहतर हिस्सेदारी दिलाने में मदद करेगा।

एनएसई के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 16 फरवरी 2026 तक कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण 12,817.87 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। विश्लेषकों का कहना है कि आने वाली तिमाहियों में मांग की स्थिति और लागत नियंत्रण के प्रयास कंपनी की लाभप्रदता की दिशा तय करेंगे।

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