By अभिनय आकाश | Aug 29, 2026
चीन दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य उत्पादक देश है, अब भारत को 12 लाख टन यानी 1.2 मिलियन टन यूरिया भेजने वाला है। वही चीन जिसने कुछ महीनों पहले एक्सपोर्ट पर ताला लगा दिया था। आखिर वो भारत के लिए अपनी तिजोरी क्यों खोल रहा है? दरअसल सबसे पहले इस खबर की गहराई को समझिए। भारत ने हाल ही में यूरिया के लिए एक बड़ा टेंडर निकाला था। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस पूरे टेंडर का लगभग 70% हिस्सा अकेले चीन से आ रहा है। यह कोई छोटी-मोटी शिपमेंट नहीं है। 24 सितंबर तक चीन के बंदरगाहों से यूरिया से लदे जहाज भारत के लिए रवाना होने लगेंगे। भले ही सरकार अभी इस पर चुप्पी साधे हुए है लेकिन हकीकत तो यह है कि भारत की रबी फसल की कामयाबी के पीछे अब चीनी खाद का एक बड़ा रोल होने वाला है।
भारत सरकार अरबों रुपए की सब्सिडी देती है ताकि हमारे किसानों को यूरिया की कमी ना हो और चीन से आने वाला ये 1.2 मिलियन टन यूरिया उसी कड़ी का हिस्सा है जो हमारी फूड सिक्योरिटी को पक्का करेगा। यहां एक और बड़ा सवाल यह है कि क्या हम चीन पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं? देखिए सच यह है कि भारत अपनी आत्मनिर्भरता बढ़ा रहा है। हमारे नए यूरिया प्लांट शुरू हो रहे हैं। जब तक हम पूरी तरह सेल्फ डिपेंडेंट नहीं हो जाते हैं तब तक ग्लोबल मार्केट में अपनी पोजीशन का इस्तेमाल करके चीन जैसे देशों से सामान लेना हमारी समझदारी है। यह डील भारत के दबाव और चीन की आर्थिक जरूरत दोनों का मेल है।