China की एक और बार कटी नाक, अमेरिका ने भी ले लिए मजे, कहा- PLA शेम-शेम

By अभिनय आकाश | Sep 27, 2024

चीन की देश दुनिया में बड़ी बेइज्जती हुई है या फिर कहें कि शी जिनपिंग की नाक फिर से एक बार कट गई है। चीन की एक सबमरीन डूब गई है। यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस की तरफ से बताया गया है कि इस साल जून में चीन की एक न्यूक्लियर पावर अटैक सबमरीन डॉकयार्ड में ही डूब गई थी। ये खबर वॉल स्ट्रीट जर्नल पहले रिपोर्ट की और उसके बाद देखते ही देखते तमाम मीडिया प्लेटफॉर्म पर ये छा गई। मजेदार बात ये है कि इसके सैटेलाइट इमेज भी सामने आ गए जो साफ साफ ये इशारा करते हैं कि सच में एक सबमरीन डूबी है और उसे बचाने की कोशिश की जा रही है। ताइवान ने इसके बारे में जून-जुलाई के महीने में रिपोर्ट किया था कि चीन की एक और सबमरीन डूब गई है। ये एक न्यूक्लियर पावर अटैक सबमरीन बताई जा रही है। जो क्लास सबमरीन वुहान के शिपयार्ड में बन रही थी। 

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यह घटना मई के अंत या जून की शुरुआत में वुहान के पास एक शिपयार्ड में हुई थी और सरकार ने इस घटना को छिपाने के लिए बहुत कुछ किया है। अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ये बीजिंग के लिए एक शर्मिंदगी की बात है। अपनी सैन्य क्षमताओं का विस्तार करना चाहता है। चीन के पास पहले से ही 370 से अधिक जहाजों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना है और उसने परमाणु संचालित हमलावर पनडुब्बियों की एक नई पीढ़ी का उत्पादन शुरू कर लिया है। 

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अगर पीएलए नेवी की अटैक सबमरीन की बात की जाए तो उनके पास इस वक्त अलग अलग क्लास में सबमरीन मौजूद हैं। पहली टाइप 91 जिसमें 5 सबमरीन बनाई गई थी और दो रिटायर की जा चुकी है। दूसरा टाइप 93 जिसमें छह सबमरीन बनाई जा चुकी हैं। दो इस समय कंट्रक्शन में है। यानी की पीएलए नेवी के मेन स्ट्रीम की बात की जए तो ये टाइप 93 हैं। लेकिन ये सारी की सारी सबमरीन बोहाई शिपयार्ड में बनाई जाती है। बोहाई शिपयार्ड डीन शी फैसलिटी है, जहां पर काफी पहले से न्यूक्लियर पावर फैसिलिटी बनाई जा रही है। उसके उलट वूचांग शिपयार्ड जहां पर कहा जा रहा है कि इस सबमरीन का एक्सीडेंट हुआ है, ये वुहान में है और चीन के मेनलैंड के अंदर है।  

गौरतलब है कि ये कोई पहली दफा नहीं है। अगस्त 2022 में जिनपिंग कजाकिस्तान में थे।  येलो शी के ऊपर एक सबमरीन की ट्रायल चल रही थी। एंटी सबमरीन ट्रैप के अंदर इनकी अपनी ही सबमरीन फंस गई थी। नाइट्रोजन से रिप्रेशराइज किया गया और इसके अंदर 55 नाविकों की मौत हो गई। 

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