By अभिनय आकाश | Dec 30, 2025
वन चाइना पॉलिसी को मिल रही चुनौती ने चीन को बेचैन कर दिया है और यही वजह है कि चीन अब वह कदम उठा रहा है जो बेहद घातक है, खतरनाक है और कुछ भी हो सकता है। एक युद्ध दस्तक दे रहा है, हमला होगा और फिर कब्जा होगा एक देश पर। चीन की यह तैयारी है। चीन उस दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। ताइवान को तीन तरफ से घेर कर मिसाइल दागना, फायर लाइफ ड्रिल करना। ये बता रहा है कि चीन ताइवान के दरवाजे पर दस्तक दे रहा है और अगर दोनों भिड़े तो अंजाम घातक होगा। पीपल लिबरेशन आर्मी यानी कि पीएलए ने साल 2025 के आखिर में जस्टिस मिशन 2025 नाम से एक बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास किया।
चीन और ताइवान का विवाद 1949 के गृह युद्ध से जुड़ा है जब कम्युनिस्ट पार्टी ने मेनलैंड चीन पर कब्जा कर लिया। राष्ट्रवादी सरकार ताइवान द्वीप पर चली गई। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और वन चाइना नीति के तहत इसे वापस जोड़ने की बात करता है और दुनिया के तमाम देशों से कहता है कि वन चाइना पॉलिसी मानना पड़ेगा। जबकि चीन को बैलेंस करने के लिए कई देश उसकी वन चाइना पॉलिसी को चुनौती देते हैं। जबकि ताइवान जो है वो भी खुद को स्वतंत्र राष्ट्र मानता है।
लोकतांत्रिक देश के रूप में मानता है। बीते कुछ वर्षों में खास करके साल 2022 से अगर हम बात करें तो अमेरिकी हाउस स्पीकर नसी पॉलिसी ने ताइवान का दौरा किया। इसके बाद से ये झड़पें जो है वो बढ़ गई क्योंकि चीन ने इसे एक अग्रेशन माना कि अमेरिका पूरी तरह से अब ताइवान की तरफ जाता दिख रहा है। हाल ही में ताइवान को एक बड़ा अमेरिकी हथियारों का सौदा भी हुआ जिसमें 11.1 अरब डॉलर के हथियार बेचने की जानकारी सामने आई।