दमचोक इलाके में चीनी टैंटों का लगना भारत-चीन के बीच नया विवाद खड़ा कर सकता है

By सुरेश एस डुग्गर | Jul 27, 2021

लगभग छह महीने पहले पीछे हटने के समझौते के बावजूद चीनी सेना ने पैंगांग झील के किनारे एक नया फारवर्ड बेस स्थापित कर वहां बड़े व भारी हथियारों का जमावड़ा किया है। हालांकि इस बेस के प्रति अलग अलग दावे हैं। यही नहीं ऐसे में जबकि देश करगिल विजय दिवस की 22वीं सालगिरह मना रहा है, लद्दाख के मोर्चे से बुरी खबर यह है कि कथित चीनी नागरिकों ने दमचोक इलाके में कई स्थानों पर टैंट गाड़ दिए हैं। भारत द्वारा उन्हें हटने की चेतावनी दिए जाने के बावजूद वे अभी भी वहीं टिके हुए हैं।

इसे भी पढ़ें: अफगानिस्तान ऐसी गुफा है जिसमें जाना तो आसान है पर निकलना मुश्किल

हालांकि भारतीय पक्ष इस फॉरवर्ड बेस को बड़ा खतरा नहीं मानता था जिसका कहना था कि यह भारतीय ठिकानों से काफी दूरी पर है जिस कारण यह खतरा साबित नहीं हो सकता। पर सैन्य सूत्र कहते थे कि इसे भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करने के इरादों से बेस के बतौर इस्तेमाल किया जा सकता है। जबकि इस बेस के प्रति एक कड़वी सच्चाई यह थी कि यह उस इलाके के बहुत ही करीब है जहां दोनों मुल्कों के बीच गश्त न करने का समझौता हुआ है। ऐसे में इसे खतरे के तौर पर न लेने की कवायद क्या रंग लाएगी यह तो समय ही बता पाएगा।

लद्दाख के मोर्चे पर दोनों सेनाओं की वापसी की खातिर होने वाली 12वें दौर की वार्ता 26 जुलाई को होनी थी पर करगिल विजय दिवस समारोह के कारण भारतीय सेना के आग्रह पर अब इसे आगे खिसका दिया गया है। तब तक यही आशंका है कि दमचोक में टेंट गाड़ने वाले कथित चीनी नागरिक वहीं टिके रहेंगे। सेना सूत्रों के मुताबिक, कुछ दिन पहले ही बड़ी संख्या में चीनी नागरिकों ने दमचोक में ‘घुसपैठ’ की है। हालांकि चीनी सेना उनकी घुसपैठ को घुसपैठ नहीं मानती क्योंकि एलएसी पर दोनों मुल्कों के बीच जो 10 विवादाग्रस्त इलाके हैं दमचोक भी उनमें से एक है। ‘अतः इन टेंटों को उखाड़ने की जब्री कार्रवाई नहीं की जा सकती, ऐसा एक सूत्र का कहना था। इतना जरूर था कि अधिकारी दावा करते थे कि टेंट गाड़ने वालों में चीनी खानाबदोशों के अतिरिक्त पीएलए के सैनिक नागरिकों के भेष में हैं।

इसे भी पढ़ें: कुदरत के हाथों इन दिनों पापों की सजा भुगत रहे चीन ने दुनिया का सबसे बड़ा Detention Center क्यों बनाया

मिलने वाली जानकारी कहती है कि इस संबंध में हॉटलाइन पर दोनों मुल्कों के सेनाधिकारियों के बीच बात तो हुई है पर भारतीय सेना फिलहाल इस इलाके में इसलिए नहीं जा पा रही है क्योंकि विवादित क्षेत्रों में पिछले एक साल से भारतीय सेना की गश्त पर लगा ‘प्रतिबंध’ अभी भी जारी है। अनुमानतः दस के करीब ऐसे विवादित क्षेत्र पहले से ही थे और पिछले साल चीनी सेना द्वारा लद्दाख के मोर्चे पर कई किमी तक भारतीय इलाके में घुसपैठ कर लिए जाने के बाद ऐसे आधा दर्जन के करीब और इलाके विवादाग्रस्त घोषित कर दिए गए।

-सुरेश एस डुग्गर

प्रमुख खबरें

PMSMA के 10 साल पूरे, JP Nadda जारी करेंगे ₹75 का Special Coin और डाक टिकट

Nitin Gadkari की बड़ी घोषणा: Road Accident पीड़ितों को बचाने वाले रहवीरों को मिलेगा 25,000 का इनाम

Bengal Politics: ममता के करीबी Firhad Hakim की बागी नेता से मुलाकात, TMC में बड़े खेला के संकेत?

बुध का नक्षत्र परिवर्तन: इन 3 राशियों के Career में आएगा बड़ा उछाल, होगी Money की बारिश