रूस जैसी सैन्य शक्ति के सामने यूक्रेन के डटकर खड़े हो जाने से घबराया चीन, ताइवान प्लान को रिव्यू करने पर हुआ मजबूर

By अभिनय आकाश | Jul 22, 2022

चीन के विस्तारवादी नीति से पूरी दुनिया वाकिफ है। दुनिया जानती है कि चीन की मंशा ताइवान पर कब्जा करने की है। जिस दिन से रूस ने यूक्रेन पर हमला किया है, उस दिन से चीन की भूख भी ताइवान पर हमला करने की बढ़ गई है। चीन की मंशा पर ही अब अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए की तरफ से बड़ा बयान सामने आया है। सीआईए चीफ बिल बर्न्स ने ने दावा किया है कि यूक्रेन युद्ध का हश्र देख चीन अपने ताइवान प्लान को रिव्यू करने पर मजबूर हो गया है। सीआईए के अनुसार यूक्रेन ने अब तक रूस के 15 हजार से ज्यादा सैनिकों को मारा है और करीब 45 हजार को जख्मी कर दिया है। रूस जैसी सैन्य शक्ति के सामने यूक्रेन के डटकर खड़े हो जाने के कारण चीन भी घबराया हुआ है।

इसे भी पढ़ें: चीन ने पैंगोंग झील पर सैन्य अभ्‍यास का वीडियो किया जारी, PLA के तीन लड़ाकू हेलिकॉप्‍टर उड़ान भरते आए नजर

चीन की मंशा पर ही ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी एमआई-6 नेवी दावा किया था।एमआई-6 के प्रमुख रिचर्ड मूर ने कहा कि पश्चिमी देशों का ज्यादा मकसद यूक्रेन में युद्ध जीतने पर रहे क्योंकि चीन की नजर इस जंग पर है। जिसकी आड़ में ड्रैगन अपने ताइवान मिशन को पूरा करने की फिराक में है। ब्रिटिश खुफिया एजेंसी के प्रमुख ने अमेरिका के कोलोराडो में सीएनएन को दिए इंटरव्यू में यह बयान दिया है। यह पहली मर्तबा है जब विदेशी धरती पर हमें एमआई-6 के प्रमुख ने कोई इंटरव्यू दिया। रिचर्ड मोड़ ने इंटरव्यू में कहा कि पश्चिमी देशों को यह संदेश देने की जरूरत है क्या कर चीन ने ताइवान पर हमला किया तो उसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। मूर ने यह भी कहा कि चीन अमेरिका की ताकत को गलत आंक रहा है।

प्रमुख खबरें

France Social Media Ban: 15 साल से कम उम्र के बच्चों पर पाबंदी, President Macron का ऐतिहासिक फैसला

US-China Relations में सुधार की उम्मीद: Marco Rubio बोले- Xi Jinping की यात्रा से सुलझेंगे आपसी मतभेद

David Warner ने Drink Driving Case में स्वीकार किया अपना जुर्म, 18 August को कोर्ट सुनाएगी अंतिम सजा

Hanuma Vihari ने Shubman Gill की Captaincy पर उठाए सवाल, Kuldeep Yadav को बाहर रखना बताया बड़ी गलती