By अभिनय आकाश | Sep 25, 2026
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने शुक्रवार को कहा कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI), और खासकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को चुनावी प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों का मजबूती से जवाब देना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चुनावों में जनता का भरोसा कम न हो। उन्होंने कहा कि अगर चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं, तो मेरा मानना है कि CEC की यह जिम्मेदारी है कि वे मजबूती से अपना पक्ष रखें। अगर लोगों के मन में चुनावी प्रक्रिया को लेकर संदेह है, तो यह गलत है। चुनाव आयोग को अपनी बात मजबूती से रखनी चाहिए ताकि लोगों के मन में कोई संदेह न रहे। लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के नेता का यह बयान कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उस मांग के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग की 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद के बीच कुमार के इस्तीफे की मांग की थी। चिराग का कहना है कि चिंताओं को दूर करना चुनाव आयोग की ज़िम्मेदारी है।
उन्होंने कुमार को सरकारी गवाह बनने की सलाह दी और कहा कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने यह मानकर अच्छा काम किया है कि वोट चोरी हो रही है। यह कहते हुए कि सभी चुनाव "धांधली वाले" होते हैं और 2024 के लोकसभा चुनाव पूरी तरह से फ़र्ज़ी थे, गांधी ने ज़ोर देकर कहा कि मोदी और शाह ने देश के साथ जो किया है, उसके लिए उनकी जांच होगी। राहुल गांधी ने स्क्रीन पर साज़िश रचने वालों (conspirators) के हेडर के तहत PM मोदी, अमित शाह, उद्योगपति गौतम अडानी, RSS प्रमुख मोहन भागवत, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा और ज्ञानेश कुमार की तस्वीरें दिखाईं। मोहरों (pawns) के हेडर के तहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और पीयूष गोयल जैसे लोगों की तस्वीरें दिखाई गईं। राहुल गांधी ने कहा कि 2024 का लोकसभा चुनाव पूरी तरह से फ़र्ज़ी था।