वो आज भी जस्टिस वर्मा हैं, आपके दोस्त नहीं, मर्यादा रखिए...CJI गवई ने वकील को फटकारा, FIR की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से किया इनकार

By अभिनय आकाश | Jul 21, 2025

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के घर से नकदी मिलने के मामले में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग ठुकरा दी। वकील मैथ्यूज नदुम्पारा ने मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ से आग्रह किया कि इस मुद्दे पर यह उनकी तीसरी याचिका है और इस पर तत्काल सुनवाई पर विचार किया जाना चाहिए। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि याचिका को उचित समय पर सूचीबद्ध किया जाएगा। पीटीआई ने मुख्य न्यायाधीश गवई के हवाले से कहा कि क्या आप चाहते हैं कि इसे अभी खारिज कर दिया जाए?

इसे भी पढ़ें: Yes Milord: दूसरों को न्याय देने वाले HC जज खुद न्याय के लिए पहुंचे अदालत, याचिका में क्या 10 तर्क दिए?

8 मई को तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने संसद को न्यायमूर्ति वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने की अनुमति दी थी। उन्होंने जाँच के निष्कर्षों पर एक रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भी भेजी थी। चूंकि मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है, इसलिए यह प्रस्ताव कभी भी पेश किया जा सकता है। घटना की जांच कर रहे जांच पैनल की रिपोर्ट में कहा गया था कि न्यायमूर्ति वर्मा और उनके परिवार के सदस्यों का उस स्टोर रूम पर गुप्त या सक्रिय नियंत्रण था, जहां बड़ी मात्रा में अधजली नकदी मिली थी, जिससे उनका कदाचार साबित होता है, जो इतना गंभीर है कि उन्हें हटाया जाना चाहिए।

प्रमुख खबरें

Junior National Hockey: हरियाणा बना चैंपियन, फाइनल में झारखंड को 2-1 से दी मात

Beijing में चीनी जुड़वां बहनों ने Bharatanatyam प्रस्तुति से सबको मंत्रमुग्ध किया

West Bengal में NDRF की तर्ज पर Arjun Vahini सितंबर से होगा सक्रिय, संभालेगा आपदा प्रबंधन

Assam लॉन्च करेगा अपना Satellite, Private Partner चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में