By अंकित सिंह | Jul 27, 2026
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा कि वे पंजाब में कथित परीक्षा पेपर लीक मामले की जांच करेंगे और आने वाले दिनों में अपने अगले कदम का ऐलान करेंगे। दिपके का यह बयान रविवार को आया, जो केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिनों से चल रहे विरोध-प्रदर्शन को खत्म करने के एक दिन बाद आया है। CJP की अगुवाई में हुए इस मार्च में कथित NEET परीक्षा पेपर लीक और उससे जुड़े छात्रों की आत्महत्याओं के मामले में कार्रवाई की मांग की गई थी। केंद्र सरकार द्वारा उनकी सभी शर्तें मान लिए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना विरोध-प्रदर्शन खत्म कर दिया।
आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने पंजाब में पेपर लीक होने के दावों को खारिज करते हुए इन आरोपों को बीजेपी-कांग्रेस का प्रोपेगैंडा बताया। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार सालों में पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है और दोनों पार्टियों पर सोशल मीडिया पर "पेड ट्रॉल्स" के ज़रिए अफ़वाहें फैलाने का आरोप लगाया। सिसोदिया के मुताबिक, यह मामला पंजाब की एक यूनिवर्सिटी के छात्रों से जुड़ा है, जो नकल करने के इरादे से क्लासरूम में ब्लूटूथ-इनेबल्ड स्मार्ट पेन लेकर आए थे। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने ये डिवाइस ज़ब्त कर लिए और पुलिस को सूचित किया।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी ऐसा ही बयान दिया और कहा कि उनकी सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में कोई भी परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि दो जगहों पर नकल की खबरें मिली थीं, जहाँ ब्लूटूथ पेन का इस्तेमाल करके पेपर को स्कैन किया गया और जवाब पाने के लिए उन्हें परीक्षा हॉल के बाहर भेजा गया, और फिर जवाब छात्रों तक वापस पहुँचाए गए। मान ने कहा कि नकल में मदद करने वालों के साथ-साथ उन छात्रों को भी परीक्षा शुरू होने के दस मिनट के भीतर ही पकड़ लिया गया। खबरों के मुताबिक, मदद करने वाले हर पेपर के लिए 3 लाख से 5 लाख रुपये तक लेते थे।
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