By प्रेस विज्ञप्ति | May 20, 2023
नई दिल्ली। महाराष्ट्र राज्य में स्थित सहकारी बैंकों ने आत्महत्या ग्रस्त किसानों के बच्चो के साथ-साथ आम लोगों के कल्याण और समृद्धी के लिए काम करने की अपील, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एक आयोजित कार्यक्रम के दौरान की। मुंबई के फोर्ट में स्थित सहकारी बैंक सभागार में आयोजित श्रम विद्या शैक्षिक ऋण योजना के शुभारंभ कार्यक्रम पर एकनाथ शिंदे बोल रहे थे।
सरकार ने किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से उभरने के लिए मौजूदा योजना की धनराशि बढ़ाकर उनकी मदद की है। बेमौसम बारिश के कारण मुआवजे का भुगतान तुरंत किया जा रहा है। केंद्र सरकार की तरह राज्य ने भी किसानों को सालाना 6 हजार रुपये देने की योजना शुरू की है। ऐसी विभिन्न योजनाओं को लागू कर किसानों को आधार देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में किसानों की आत्महत्या को रोकने के लिए सरकार पूरी कोशिश कर रही है।
ऋण अदायगी की अवधि 10 वर्ष है अर्थात अदायगी रोजगार के बाद होगी। पांच लाख तक के ऋण के लिए किसी जामीन की आवश्यकता नहीं होगी, न ही कोई वस्तु गिरवी रखी जाएगी। लाख रुपये से 10 लाख रुपये के बीच के ऋण के लिए, वस्तु गिरवी रखने की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन एक गारंटर की आवश्यकता होगी।
10 लाख से 15 लाख के बीच के ऋण के लिए वस्तु गिरवी रखने की और दो गारंटर की आवश्यकता होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच लाख तक शून्य प्रतिशत ब्याज दर, पांच लाख से ऊपर 10 लाख तक 2 प्रतिशत ब्याज दर और 10 लाख से ऊपर 15 लाख तक 4 प्रतिशत ब्याज दर से योजना लागू की जाएगी।
देश के सभी राज्य सहकारी बैंकों की तुलना में महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक की पूंजी सबसे अधिक 6545 करोड़, सर्वाधिक लेनदेन 45 हजार 64 करोड़, सर्वाधिक नकद मूल्य 3 हजार 879 करोड़, सर्वाधिक शुद्ध लाभ 609 करोड़ होने की जानकारी मुख्यमंत्री शिंदे ने दी।