By दिनेश शुक्ल | Apr 30, 2021
भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोविड केयर सेंटरों को बहुउद्देश्यीय बनाया जाए। जहाँ माइल्ड रोगियों को उपचार की बेहतर सुविधा मिलें। उन्होंने अपील की है कि शादी विवाह के कार्यक्रम संक्रमण नियंत्रित होने तक स्थगित कर दें। उन्होंने कहा है कि कोरोना मानवता का दुश्मन है। सारे भेद-भाव भूल कर सबको कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए मिलकर प्रयास करने होंगे। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा 16 जिलों में कोविड नियंत्रण की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में भोपाल, ग्वालियर, बैतूल, दतिया, विदिशा, सीहोर, मुरैना, शिवपुरी, होशंगाबाद, अशोक नगर, रायसेन, राजगढ़, गुना, हरदा, श्योपुर और भिंड जिले शामिल थे।
उन्होंने कहा कि जनता कर्फ्यू जिन क्षेत्रों में स्वत: स्फूर्त आन्दोलन बना है, वहाँ पर नियंत्रण बेहतर हुआ है। कुरवाई विधायक हरि सिंह सप्रे द्वारा अपनी पुत्री की शादी की तिथि टालने के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे उदाहरणों को प्रस्तुत कर आमजन को प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि रोगियों के साथ बड़ी संख्या में परिजन नहीं जायें। उन्होंने होम आईसोलेशन की व्यवस्थाओं की प्रभावी समीक्षा की जरूरत बताई। मुख्यमंत्री चौहान ने जिलों द्वारा कोरोना मुक्त गाँवों को चिन्हित कर बाहर से आने वालों के प्रवेश पर रोक लगाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने ऐसे प्रयासों को व्यापकता प्रदान करने की जरूरत बताई। उन्होंने इसी तरह की व्यवस्थाएँ माईक्रो कंटेनमेंट जोन बना कर, शहरी क्षेत्र में करने को कहा है। उन्होंने कहा कि संक्रमण का प्रसार बहुत तेजी से होता है। इसलिए जिन क्षेत्रों में नियंत्रण में सफलता मिली है, वह भी कड़ाई से नियंत्रण के कार्य करें। इसमें किसी भी तरह की ढ़िलाई के घातक परिणाम हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री चौहान ने कोरोना नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए प्रभारी मंत्री, जन-प्रतिनिधियों, समाज सेवियों और अधिकारी-कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सबके सहयोग और संयम से कोरोना पर विजय हासिल होगी। मुख्यमंत्री को बैठक में कलेक्टर और आपदा प्रबंधन समिति के सदस्यों द्वारा संक्रमण नियंत्रण प्रयासों, होम आइसोलेशन, कोविड केयर सेंटरो के संचालक की व्यवस्थाओं को बताया। जनता कर्फ्यू के प्रभावी नियंत्रण के लिए किए गए प्रेरणादायी प्रतिबंधात्मक एवं दडांत्मक कार्रवाईयों की जानकारी दी।