Delimitation पर भड़के CM Stalin, बोले- South India के साथ ऐतिहासिक अन्याय, परिणाम भुगतने होंगे

By अंकित सिंह | Apr 15, 2026

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने बुधवार को अपनी पार्टी द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (डीएमके) के सांसदों की आपातकालीन बैठक की अध्यक्षता की, क्योंकि वे सरकार द्वारा प्रस्तावित परिसीमन संशोधन विधेयक का लगातार विरोध कर रहे थे। खबरों के अनुसार, उन्होंने राज्य भर में काले झंडे के साथ विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया और कहा कि प्रस्तावित संशोधन दक्षिण के खिलाफ एक भयानक ऐतिहासिक अन्याय है।

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मुख्यमंत्री ने परिसीमन संबंधी चिंताओं को लेकर "परिणामों" की चेतावनी दी और कहा कि वे ऐसा एक आत्मसम्मानित तमिल और डीएमके प्रमुख के रूप में कर रहे हैं। उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा कि क्या तमिलनाडु और दक्षिणी राज्यों को भारत के विकास के लिए प्रयास करने के अपराध के लिए दंडित किया जा रहा है? केंद्र सरकार द्वारा कल संसद में पेश किया जाने वाला परिसीमन संशोधन विधेयक तमिलनाडु और दक्षिणी राज्यों पर किया गया एक बड़ा ऐतिहासिक अन्याय है।

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लोकसभा में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण, परिसीमन और लोकसभा सीटों को वर्तमान 543 से बढ़ाकर 850 तक करने के प्रस्ताव पर सरकार के प्रस्तावित विधेयकों ने इस बात की चिंता पैदा कर दी है कि दक्षिणी राज्य लोकसभा में अपनी ताकत खो देंगे। इससे पहले एमके स्टालिन ने केंद्र द्वारा प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया के कारण राज्य पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर चर्चा करने के लिए बुधवार को द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सांसदों की एक आपात बैठक बुलाई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, स्टालिन अपने व्यस्त चुनावी कार्यक्रम के बीच धर्मपुरी से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आपात बैठक करेंगे।

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