लखनऊ का घेराव करने की चेतावनी देने वाले राकेश टिकैत के क्षेत्र बागपत पहुँचकर योगी ने दिया बड़ा संदेश

By नीरज कुमार दुबे | Jul 29, 2021

तीन कृषि सुधार कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं को घेर कर बैठे हुए किसान नेता राकेश टिकैत ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि वह जल्द ही लखनऊ का भी घेराव करेंगे। अब टिकैत उत्तर प्रदेश की राजधानी में आकर योगी सरकार का घेराव कर पाते उससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही राकेश टिकैत के इलाके बागपत में पहुँच गये। हालांकि मुख्यमंत्री का यह दौरा सरकारी था और कोरोना की तीसरी लहर की संभावना के मद्देनजर चिकित्सा सुविधाओं की तैयारी का जायजा लेने के लिए था लेकिन मुख्यमंत्री के इस दौरे से बड़ा राजनीतिक संदेश गया है। राकेश टिकैत के नेतृत्व में कुछ लोग यहां तक भी चेतावनी दे रहे थे कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गांवों में भाजपा नेताओं को घुसने नहीं दिया जायेगा लेकिन आज जब मुख्यमंत्री बागपत के दौरे पर पहुँचे तो जनता पलक-पांवड़े बिछाये दिखी।

बहरहाल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा कार्यकर्ताओं से राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में युद्धस्तर पर जुटने का आह्वान किया। बागपत के दौरे पर आए योगी ने भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी को बूथ स्तर तक बेहद मजबूत करने के निर्देश देते हुए कहा कि चुनाव के लिए अभी से युद्धस्तर पर तैयारी की जाए। योगी ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान यह दावा भी किया कि बागपत ने पिछले चार साल में जितनी तरक्की की है उतनी पहले कभी नहीं हुई।

जहाँ तक उत्तर प्रदेश में भाजपा की तैयारियों की बात है तो निश्चित रूप से वह अन्य दलों से आगे नजर आ रही है क्योंकि एक तो उसका गठबंधन प्रदेश में लगभग फाइनल है जबकि दूसरे दल अपने चुनावी साथी ढूँढ़ रहे हैं या किसे साथी बनाकर ज्यादा फायदा होगा इस बात का तोलमोल कर रहे हैं। दूसरा विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों के बारे में आंतरिक सर्वे रिपोर्ट भी सूत्रों के मुताबिक भाजपा आलाकमान के पास आ चुकी है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उत्तर प्रदेश के सांसदों के साथ लगातार दो दिन बैठक कर आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और रणनीति को लेकर मंथन भी किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस बैठक में शामिल हुए। बताया जाता है कि सांसदों की शिकायतों का निवारण और उनके सुझावों पर गौर करने का आश्वासन भी मुख्यमंत्री की ओर से इस बैठक में दिया गया। देखा जाये तो यह बैठक ना सिर्फ रणनीति बनाने की थी बल्कि सरकार और संगठन के बीच के सभी मतभेदों को दूर करने का प्रयास भी था।

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इस बैठक में भाजपा अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पार्टी के शीर्ष नेताओं के उत्तर प्रदेश के कार्यक्रमों के बारे में तो सांसदों को जानकारी दी ही साथ ही केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल किए गए उत्तर प्रदेश के सांसदों को 15 अगस्त के बाद अपने-अपने संसदीय व आसपास के क्षेत्रों में आशीर्वाद यात्रा निकालने का निर्देश भी दिया है। यह आशीर्वाद यात्रा किन क्षेत्रों से गुजरेगी इसका रूट पार्टी संगठन की ओर से तय किया जायेगा ताकि ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं तक मोदी और योगी सरकार की उपलब्धियाँ पहुँचाईं जा सकें। हम आपको बता दें कि केंद्रीय मंत्रिपरिषद में हुए हालिया विस्तार में सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व उत्तर प्रदेश को मिला। विभिन्न जाति व वर्ग से आने वाले प्रदेश के सात सांसदों को मंत्री बनाया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्रीय मंत्रिमंडल में अब 15 मंत्री उत्तर प्रदेश से हैं। पहली बार ऐसा हुआ है जब केंद्र सरकार में इतनी बड़ी संख्या में राज्य को प्रतिनिधित्व मिला है। अब पार्टी इसे आगामी विधानसभा चुनाव में भुनाने में जुट गई है। यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के 62 लोकसभा और 22 राज्यसभा सदस्य सहित कुल 84 सांसद हैं।

-नीरज कुमार दुबे

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