Ram Navami पर रामनगरी में भव्य आयोजन की तैयारी, CM Yogi Adityanath ने Ayodhya पहुँच कर तैयारियों का जायजा लिया

By नीरज कुमार दुबे | Mar 21, 2025

रामनवमी से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज रामनगरी अयोध्या पहुँचे और दर्शन-पूजन के अलावा विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करने के बाद अयोध्या के विकास के साथ-साथ रामनवमी की तैयारियों को लेकर अफसरों के साथ मंथन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ रामनवमी मेले में देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर बैठक की तथा मेले की तैयारी आदि को लेकर दिशा-निर्देश दिये। हम आपको बता दें कि रामलला की प्रतिष्ठा के बाद यह दूसरी रामनवमी होगी, जिसमें भगवान श्री रामलला के ललाट पर भगवान सूर्य की किरण पड़ेंगी।

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इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने राजसदन में लिटरेचर फेस्टिवल में हिस्सा लिया और अपने संबोधन में कहा कि अयोध्या भारत के सनातन धर्म की एक आधारभूमि है और सप्तपुरियों में प्रथम पुरी है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह सत्य है कि जिसने राम पर लिखा वह महान हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महर्षि नारद को उद्धृत करते हुए कहा कि इस धरती पर लिखने के लिए कोई महामानव है तो वह केवल राम हैं, राम पर लिखेंगे तो लेखनी धन्य हो जाएगी। साहित्यकार यतीन्द्र मिश्र आयोजित एक साहित्य उत्सव को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में सूर्यवंश की परंपरा में एक अवतार के रूप में मानवीय मर्यादा और आदर्श के सर्वोत्तम स्वरूप प्रभु श्री राम हैं जिनकी पावन धरा पर आयोजित यह सम्मेलन अदभुत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं अद्भुत इसलिए कहूंगा कि इतने वर्षों तक अयोध्या मौन रही, जबकि यह सत्य है कि जिसने राम पर लिखा वह महान हुआ।’’ उन्होंने कहा कि महर्षि नारद ने महर्षि वाल्मीकि को प्रेरणा दी कि इस धरती पर लिखने के लिए कोई महामानव है तो वह केवल राम हैं, राम पर लिखोगे तो लेखनी धन्य हो जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, ''अयोध्या भारत के सनातन धर्म की एक आधारभूमि है। सप्तपुरियों में प्रथम पुरी है। सनातन काल से ही सनातन धर्म की प्रेरणा स्थली रही है।’’ उन्होंने कहा कि भगवान ऋषभदेव से चली परंपरा, जिसके तहत भगवान मनु ने पृथ्वी पर मनुष्य के रहने की व्यवस्था तय की, जिसे आप मानव धर्म कह सकते हैं, उसकी शुरुआती भूमि अयोध्या है। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यावहारिक संस्कृति पर दुनिया का पहला महाकाव्य रामायण बना जो साहित्य का आधारभूमि है तथा आप वैदिक संस्कृति से व्यावहारिक संस्कृति में आ गये। उन्होंने कहा व्यावहारिक संस्कृति से कैसे अपनी लेखनी को धन्य करना है, यह सीखना है तो महर्षि वाल्मीकि के शरण में जाएं, जिन्होंने राम को आधार बनाकर महाकाव्य की रचना कर डाली, उससे पहले उस प्रकार का महाकाव्य किसी ने नहीं रचा। योगी का कहना था कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम उसकी आत्मा बने, अयोध्या उसका आधार बनी तो साहित्य की एक नयी विधा का सृजन हो गया। फिर यह आमजन के लिए लोकप्रिय हुई और केवल भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के हर भाषा में रामायण और रामचरितमानस किसी न किसी रूप में हृदय को जरूर छू रही है। इस समारोह में अयोध्या के प्रभारी एवं उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, पद्मश्री मालिनी अवस्थी समेत कई प्रमुख लोग उपस्थित थे।

हम आपको यह भी बता दें कि मुख्यमंत्री ने रामकथा पार्क में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत संयुक्त क्रेडिट कार्ड कैम्प में शामिल होकर प्रदर्शनी का अवलोकन किया और अयोध्या मंडल के 11 सौ से अधिक पात्रों को लगभग 50 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया। दरअसल युवाओं को उद्यम की तरफ उन्मुख कर उन्हें स्वावलंबी और रोजगार प्रदाता बनाने की सीएम की यह दूरदर्शी व महत्वाकांक्षी योजना है। यह योजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में भी है। इसे 24 जनवरी को लांच किया गया था। यहां से मुख्यमंत्री ने आयुक्त कार्यालय सभागार पहुंचकर समीक्षा बैठक की। 

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