CM Yogi Adityanath ने UP में विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के दिए निर्देश

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 28, 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता केवल परियोजनाओं की घोषणा और स्वीकृति प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक परियोजना को तय समय में धरातल पर उतारना और उसका वास्तविक लाभ जनता तक पहुंचाना है। यहां राज्य परिवर्तन आयोग की बैठक में प्रदेश में चल रही प्रमुख विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण, निविदा, विभागीय समन्वय या अन्य स्तर पर लंबित कार्यों का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में बेहतर संपर्क की अहम भूमिका है।

इसी तरह, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 80.43 प्रतिशत, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 84.82 प्रतिशत और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 79.27 प्रतिशत भूमि प्राप्त हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने और परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। मेरठ-हरिद्वार, विंध्य और विंध्य पूर्वांचल स्पर एक्सप्रेसवे की योजना के संबंध में बैठक में बताया गया कि सत्यापन का कार्य पूरा हो चुका है और अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है।

मुख्यमंत्री ने ग्रेटर नोएडा के मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब की समीक्षा करते हुए कहा कि लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए, ताकि उत्तर प्रदेश भारत और दुनिया की आपूर्ति श्रृंखला का मजबूत केंद्र बन सके। स्वास्थ्य संस्थानों, अस्पतालों तथा होटल-गेस्ट हाउस में अग्नि सुरक्षा की समीक्षा करते हुए योगी ने कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। विद्युत व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां लाइन लॉस अत्यधिक है, वहां उसके वास्तविक कारणों की पहचान कर ठोस कार्रवाई की जाए।

बिजली चोरी, बिलिंग और वसूली की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए तथा अत्यधिक लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में डिस्कॉम के जिम्मेदार अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाए। ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की समीक्षा करते हुए योगी ने कहा कि इन्हें ग्रामीण विद्यार्थियों और युवाओं के लिए अध्ययन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा डिजिटल ज्ञान के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने डिजिटल पुस्तकालयों से जुड़े सभी आवश्यक कार्य 30 सितंबर तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए।

‘शून्य गरीबी अभियान’ की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चिन्हित सभी परिवारों को आवास की सुविधा मिलनी चाहिए। जिन पात्र परिवारों का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में नहीं है, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना से जोड़ा जाए। बैठक में बताया गया कि 12.50 लाख चिन्हित परिवारों में से नौ लाख परिवार आवास के लिए पात्र पाए गए हैं।

इनमें 4.50 लाख लोगों के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची में हैं, जबकि करीब पांच लाख परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किया जाना है। बैठक में यह भी बताया गया कि 6.67 लाख परिवारों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं था। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (बीओसीडब्ल्यू) में पंजीकृत परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाने की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई है।

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के लिए संचालित लेबर अड्डों की समीक्षा करते हुए सभी लेबर अड्डों का सर्वेक्षण कराने और वहां पेयजल, शौचालय, स्वच्छता, स्नान, चिकित्सा तथा भोजन जैसी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गोरखपुर में निर्माणाधीन 30 हजार दर्शक क्षमता वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और मेरठ के मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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