By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 28, 2026
नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद त्रिशूली-1 विद्युत परियोजना स्थल से 63 भारतीय नागरिकों को बचा लिया गया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। इस बीच, दिल्ली सरकार नेपाल और उससे आगे बाढ़ प्रभावित इलाकों की यात्रा पर गए राष्ट्रीय राजधानी के निवासियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
बचावकर्मी कई भारतीय नागरिकों समेत अब भी लापता सैकड़ों लोगों का पता लगाने के प्रयास में जुटे हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शीर्ष अधिकारियों तथा काठमांडू और बीजिंग में भारत के राजदूतों के साथ बैठक के बाद कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे भारतीयों की स्थिति और उनकी कुशलक्षेम का पता लगाने के लिए नयी दिल्ली जुटी हुई है। विदेश मंत्रालय ने इससे पहले दिन में बताया था कि नेपाल-तिब्बत सीमा पर अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद कम से कम 290 भारतीय अब भी लापता हैं और करीब 200 अन्य चीन की ओर फंसे हुए हैं।
उनके बचाव के लिए भारत दोनों देशों के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत की तत्काल प्राथमिकता लापता भारतीयों का पता लगाना और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नेपाल में लापता भारतीयों में जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले लोग और विभिन्न राज्यों से गए पर्यटक शामिल हैं।
इस बीच, दिल्ली सरकार के अधिकारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निजी यात्रा पर गए अन्य निवासियों के बारे में भी जानकारी एकत्र कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, तमिलनाडु और पुडुचेरी से कुल 106 लोग मानसरोवर यात्रा पर गए थे। इनमें से 20 लोगों को बचा लिया गया है, जबकि 37 अब भी लापता हैं।
इसके अलावा कर्नाटक के कम से कम 13 लोग नेपाल और तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में फंसे हुए हैं। इनमें 11 लोग बेंगलुरु शहरी जिले के हैं।