By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 22, 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रदेशवासियों को भरोसा दिलाया कि राज्य में चीनी की कोई कमी नहीं है इसलिए लोगों को इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। बयान के अनुसार, योगी ने कहा कि प्रदेश की चीनी मिलों में वर्तमान में 179.38 लाख कुंतल चीनी का भंडार उपलब्ध है।
आवश्यकता पड़ने पर चीनी मिलों का संचालन 15 अक्टूबर से शुरू किया जाए। योगी ने लोगों से अपील की कि चीनी की कमी की बात कहकर भ्रम फैलाने वालों से सावधान रहें। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को चीनी की कालाबाजारी करने और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने भारत सरकार के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी डीलर 30 दिन से अधिक का चीनी भंडार नहीं रख सकेगा और एक समय में 400 टन से अधिक चीनी का भंडारण भी नहीं कर सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रति माह 10 मीट्रिक टन चीनी की खपत करने वाले थोक उपभोक्ता भी 15 दिन से अधिक का भंडार नहीं रख सकेंगे। उन्होंने कहा कि चीनी मिलें भी अपने मासिक कोटे के तहत बेची गई चीनी को बिक्री की तारीख से सात दिन से अधिक समय तक गोदाम में नहीं रखेंगी।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले की सभी पंजीकृत चीनी मिलों तथा थोक एवं खुदरा विक्रेताओं के गोदामों का भौतिक सत्यापन कराया जाए और उपलब्ध भंडार की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट प्राप्त की जाए। उन्होंने निर्धारित सीमा से अधिक चीनी का भंडारण करने या जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही जिलों में चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर लगातार निगरानी रखने को कहा।
योगी ने कहा कि चीनी की कृत्रिम कमी पैदा करने या कीमतों में अनुचित बढ़ोतरी की स्थिति में इसकी जानकारी तत्काल शासन को दी जाए। बयान के अनुसार, बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि पेराई सत्र 2026-27 में 28.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती होने का अनुमान है। इससे करीब 90 लाख टन चीनी के उत्पादन की संभावना है।