NCR में Air Pollution फैलाने वाले उद्योगों पर होगी कार्रवाई, खेतों में पराली जलाने पर बढ़ेगी निगरानी

उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बिगड़ती आबोहवा पर नियंत्रण पाने के लिए प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने अधिकारियों को धान की पराली के निस्तारण हेतु कृषि यंत्रों की उपलब्धता और खेतों की सघन निगरानी सुनिश्चित करने को कहा है। इसके साथ ही प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों की जांच कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बढ़ते वायु प्रदूषण पर चिंता व्यक्त करते हुए रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्य सचिव एसपी गोयल ने पराली प्रबंधन को प्रभावी बनाने को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा की गई और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में पराली प्रबंधन के लिए उपलब्ध संसाधनों और कृषि मशीनरी की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किसानों को पराली प्रबंधन में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए बेलर और अन्य कृषि उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मशीनरी की कमी को दूर करने के लिए लंबित निविदा प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने को कहा गया।
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अधिकारियों को पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खेत स्तर पर निगरानी बढ़ाने और किसानों को पराली नहीं जलाने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, पराली प्रबंधन के लिए उपलब्ध संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया गया। बैठक में वायु प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
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अधिकारियों को बताया गया कि प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वाली औद्योगिक इकाइयों की नियमित जांच की जाए और नियमों का पालन नहीं करने वाले उद्योगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित प्रत्येक विभाग एक नोडल अधिकारी नामित करे, ताकि वायु प्रदूषण रोकथाम से जुड़े कार्यों की प्रभावी निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में धान की पराली के प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि पराली के प्रभावी प्रबंधन के लिए सभी आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाएं।
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